विश्व पर्यावरण दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

World Environment Day

जीवन में पेड़-पौधे, नदियां, जंगल, जमीन, पहाड़ आदि का अहम योगदान है, इनके बिना हम जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं। लेकिन आज के समय में पर्यावरण प्रदूषण एक बहुत ही चिंताजनक विषय बन चुका है। विश्व के कई बड़े शहरों में तो सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। लेकिन हम अगर चाहें तो प्रकृति के लिए बहुत कुछ कर सकते हैं। प्रकृति के संरक्षण पर ही मानव जीवन का संरक्षण संभव है।

विश्व पर्यावरण दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?

विश्व पर्यावरण दिवस हर साल 5 जून को मनाया जाता है। विश्व पर्यावरण दिवस को मनाये जाने का कारण है कि इसके द्वारा लोगों को पर्यावरण की सुरक्षा के प्रति जागरूक और सचेत किया जाता है। प्रकृति के बिना हम मानव जीवन की कल्पना भी नहीं कर सकते हैं, इसलिए हमें पेड़-पौधे, जंगल, नदियां, झीलें, जमीन, पहाड़ के महत्त्व को समझना चाहिए और कोई भी ऐसा कार्य नहीं करना चाहिए जिससे इनको नुकसान पहुंचे।

पहला विश्व पर्यावरण दिवस कब मनाया गया?

1972 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम (स्वीडन) में विश्व पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें 119 देशों ने भाग लिया था। इसके बाद 5 जून 1974 को पहला विश्व पर्यावरण दिवस मनाया गया। तब से हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है।

विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीम

हर साल विश्व पर्यावरण दिवस को एक थीम (theme) दी जाती है। विश्व पर्यावरण दिवस 2021 की थीम है – ‘पारिस्थितिकी तंत्र की बहाली (Ecosystem Restoration)’. जंगलों को नया जीवन देकर, पेड़-पौधे लगाकर, बारिश के पानी को संरक्षित करके और तालाबों के निर्माण करने से हम पारिस्थितिकी तंत्र को फिर से रिस्टोर कर सकते हैं।

विश्व पर्यावरण दिवस पर लें ये संकल्प

  • साल में कम से कम एक पौधा अवश्य लगाएं और उसे बचाएं
  • पेड़-पौधों के संरक्षण में सहयोग करें
  • तालाब, नदी, पोखर को प्रदूषित नही करें
  • जल का दुरुपयोग नहीं करें तथा इस्तेमाल के बाद बंद करें
  • प्लास्टिक/पॉलिथिन का उपयोग बंद करें
  • कूड़ा-कचरा को कूड़ेदान में फेकें
  • बिजली का अनावश्यक उपयोग नहीं करें

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