अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून ही क्यों मनाया जाता है? (Antarrashtriya Yoga Diwas in Hindi)

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (Antarrashtriya Yoga Diwas) पूरे दुनियाभर में 21 जून को मनाया जाता है। इस दिन लोग बड़े बड़े समूहों में योग को करते हैं। हांलाकि इस साल कोरोना वायरस के फैलने की वजह से इसका आयोजन नहीं किया जायेगा। लोग घरों में रहकर ही अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाएंगे। इस दिन के लिए हर साल विशेष थीम रखी जाती है। 2020 की थीम थी ”घर पर योगा और परिवार के साथ योगा” “Yoga for Health – Yoga at Home”.

साल 2021 में सातवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (International Yoga Day) मनाया जा रहा है। योग का अपने आप में ही बड़ा महत्व है। व्यक्ति को स्वस्थ रखने में और कई तरह की बीमारियों से लड़ने में योग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। आध्यात्मिक विकास में भी योग का बहुत महत्व है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम (International Yoga Day theme)

2015: सद्भाव और शांति के लिए योग Yoga for Harmony and Peace
2016: युवाओं को कनेक्ट करें Connect the youth
2017: स्वास्थ्य के लिए योग Yoga for Health
2018: शांति के लिए योग Yoga for Peace
2019: पर्यावरण के लिए योग Yoga for Climate Action
2020: घर में रहते हुए योग करना Yoga for Health – Yoga at Home

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून ही क्यों मनाया जाता है? (Celebration of Antarrashtriya Yoga Diwas in Hindi)

21 जून को धरती पर सूर्य की किरणें लगभग 15 घंटे तक रहती हैं, जिससे इस दिन को साल का सबसे बड़ा दिन माना जाता है, चूंकि मनुष्य की आयु लंबी करने में योग भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है; इसलिए 21 जून का सम्बन्ध योग से है। इस दिन सूर्योदय जल्दी और सूर्यास्त देर से होता है।

धार्मिक मान्यताएं हैं कि सूर्य के दक्षिणायन का समय आध्यात्मिक सिद्धियां प्राप्त करने में उचित है। इन वजहों से ही 21 जून को ‘अंतरराष्ट्रीय योग दिवस’ मनाया जाता है। इसके अलावा भारत में 21 जून ग्रीष्म अयनांत या संक्रांति का दिन भी होता है, जिसका वैज्ञानिक महत्त्व होने के साथ साथ धार्मिक महाव भी है।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पहली बार कब मनाया गया?

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस साल 2015 में पहली बार मनाया गया। 11 दिसम्बर 2014 को संयुक्त राष्ट्र में 177 सदस्यों द्वारा 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली। इस घोषणा के बाद अगले साल 2015 से अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पूरी दुनिया में मनाया जाने लगा।

पहले योग दिवस पर बना था रिकॉर्ड (Record on First Antarrashtriya Yoga Diwas in Hindi)

21 जून 2015 को पहला अंतरराष्‍ट्रीय योग दिवस मनाया गया था। इसमें एक खास रिकॉर्ड भी बना था। 21 जून 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व में करीब 36000 लोगों और 84 देशों के प्रतिनिधियों ने 35 मिनट तक 21 योग आसन का प्रदर्शन करते हुए दिल्‍ली के राजपथ पर योग किया था। ​इस समारोह में इतनी बड़ी संख्या में लोगों का जुटना और 84 देशों के लोगों के शामिल होने जैसे रिकॉर्ड गिनीज रिकॉर्ड में शामिल हुए थे।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस का महत्व (International Yoga Day Significance)

  • इससे जीवन में अध्यात्म का सृजन होता है और सकारात्मक चेतना जागृत होती है।
  • योग को प्राचीन भारतीय कला का एक प्रतीक माना जाता है।
  • व्यक्ति योग को अपने जीवन में धारण कर मानसिक और शारीरिक रूप से स्वस्थ रह सकता है।
  • आधुनिक समय में तनाव को दूर करने में यह रामबाण दवा है।
  • दुनियाभर के कईं देशों में योग को जीवन का श्रृंगार माना जाता है।
  • भारतीय योग को जीवन में सकारात्मकता और ऊर्जावान बनाए रखने के लि‍ए महत्वपूर्ण मानते हैं।
  • यह जीवन को तनावमुक्त बनाने में मददगार हो सकता है।

यह भी देखें

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