कृष्णा नागर का जीवन परिचय, टोक्यो पैरालंपिक 2020 | Krishna Nagar Biography in Hindi

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हम सभी ने देखा है कि कैसे सभी खिलाड़ियों ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में शानदार प्रदर्शन किया। यह खिलाड़ी भले ही शारीरिक रूप से कमजोर हो, लेकिन इनके हौसलों में कोई कमी नहीं दिखी। इनके खेल प्रदर्शन ने भारत को आज गौरवान्वित किया व 19 पदक दिलवाए। 

अब हमें पैरा बैडमिंटन में रजत पदक के बाद स्वर्ण पदक भी मिल गया। भारत का यह बैडमिंटन में चौथा पदक और पांचवां स्वर्ण पदक है। देश को पांचवां स्वर्ण पदक दिलाने का श्रेय कृष्णा नागर को जाता है।

कृष्णा नागर भारतीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी है। इन्होंने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में SH6 की श्रेणी में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया है। इन्होंने पैरालंपिक में बेहतरीन प्रदर्शन किया और सभी भारतीयों का दिल जीत लिया। उन्होंने साबित किया है कि हौसले के दम पर हम दुनिया में नाम कमा सकते है।

आज के प्रस्तुत लेख में हम आपको कृष्णा नागर के जीवन परिचय के बारे में सभी जानकारी प्रदान करेंगे ताकि आप भी जोशीले कृष्णा नागर के बारे में सभी बातें जान पाए।

कृष्णा नागर का जीवन परिचय एक नजर में (Krishna Nagar Biography in Hindi)

नामकृष्णा नागर 
निकनेमकृष्णा
जन्म तारीख12 जनवरी 1999
जन्म स्थानजयपुर, राजस्थान
आयु (Age)22 साल
लम्बाई4 फीट 5 इंच
वजन40 किलोग्राम
आँखों का रंगकाला
बाल का रंगकाला
त्वचा का रंगसाफ़
माता का नामइंद्रा नागर
पिता का नामसुनील नागर
शिक्षाग्रेजुएशन
गृह नगरजयपुर, राजस्थान
कोचगौरव खन्ना
पेशापैरा बैडमिंटन खिलाडी
इवेंट (Event)SH6 श्रेणी (पुरुष एकल)
स्टेटसअविवाहित
धर्महिन्दू
जाति (caste)ब्राह्मण
मातृभाषाहिंदी
राशिवृषभ
कुल मूल्य (Networth)लगभग 20 लाख

कृष्णा नागर कौन है?

कृष्णा नागर भारतीय खिलाड़ी है जो बैडमिंटन (badminton) खेल खेलते है। इनका जन्म राजस्थान के जयपुर में 12 जनवरी 1999 को हुआ था। अभी इनकी आयु केवल 22 वर्ष है और इतनी छोटी उम्र में इन्होंने कमाल कर दिखाया। इन्होंने sh-6 श्रेणी में बैडमिंटन खेल कर स्वर्ण पदक जीता। इस समय यह पैरालंपिक बैडमिंटन की विश्व रैंकिंग में दूसरे स्थान पर है।

कृष्णा नागर का परिवार (Family)

कृष्णा नागर के पिता सुनील नागर व माता इंदरा नागर है। इनके पिता पेशे से फिजियोथैरेपिस्ट है। इनके परिवार के बाकी सदस्यों के बारे में अभी कोई जानकारी ज्ञात नहीं है और यह अभी अविवाहित है। जानकारी उपलब्ध होते ही आपको प्रदान की जाएगी।

कृष्णा नागर की शिक्षा

कृष्णा नागर की शिक्षा से संबंधित कोई खास जानकारी अभी उपलब्ध नहीं है, लेकिन खबरों के अनुसार वह ग्रेजुएशन कर चुके है।

कृष्णा नागर के कोच (Coach)

कृष्णा नागर के कोच गौरव खन्ना है जो पूर्व बैडमिंटन खिलाड़ी है। वह इस समय भारतीय पैरा बैडमिंटन टीम के कोच है।

कृष्णा नागर की विकलांगता का क्या कारण है?

कृष्णा नागर को छोटे कद की विकलांगता है। जब वह 2 वर्ष के हुए तब उनके परिवार को उनकी दुर्बलता का पता चला था कि वह बौनेपन बीमारी के शिकार है। कृष्णा नागर की बचपन से ही खेल में रुचि थी इसलिए वह लगातार अभ्यास करते रहे और  उन्होंने कभी भी अपनी दुर्बलता को खेल के आड़े नहीं आने दिया व आज टोक्यो पैरालंपिक में स्वर्ण पदक जीता।

कृष्णा नागर के करियर की शुरुआत

कृष्णा नागर की बचपन से ही खेलों में रुचि थी। उनके चचेरे भाई ने बैडमिंटन में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया और उनके परिवार ने उनका सदा साथ दिया। वह अपने घर से 13 किलोमीटर दूर ट्रेनिंग लेने जाते थे। कड़ी मेहनत के दम पर ही आज वह अपने करियर को बना पाए है।

कृष्णा नागर का टोक्यो पैरालंपिक 2020 में शानदार खेल प्रदर्शन

कृष्णा नागर टोक्यो पैरालंपिक में शानदार तरीके से खेलते नजर आए। इन्होंने सेमीफाइनल में अपने प्रतिद्वंदी ग्रेट ब्रिटेन के क्रिस्टन कुंब्स को 21-10, 21-11 से हराया था। 

इसके बाद इनका मुकाबला हांगकांग के चू मान केइ से हुआ। इनके 3 गेम्स हुए जिसमें पहला गेम कृष्णा नागर ने जीता, तो दूसरा गेम  चू मान केइ ने अपने नाम किया। अंतिम गेम में कृष्णा ने अपने प्रतिद्वंदी को 21-17, 16-21 व 21-17 के स्कोर से हराया और वह इस मैच को जीत गए और स्वर्ण पदक विजेता बने।

कृष्णा नागर के पदक व पुरस्कार

कृष्णा नागर ने अपने प्रदर्शन से सभी को हैरान किया है। उन्होंने अपनी कम लंबाई को अपने खेल कैरियर के बीच में नहीं आने दिया इसी हिम्मत के बदौलत उन्हें कई पदक व पुरस्कार भी प्राप्त हुए:

  • कृष्णा नागर ने इंडोनेशिया के जकार्ता में वर्ष 2018 के पैरा एशियन खेलों में कांस्य पदक जीता था।
  • इसके बाद वर्ष 2019 में स्विट्जरलैंड में वर्ल्ड पैरा ओलंपिक बैडमिंटन चैंपियनशिप में पुरुष युगल में रजत पदक प्राप्त किया।
  •  वर्तमान में टोक्यो पैरालंपिक 2021 में SH6 श्रेणी में उन्होंने भारत को स्वर्ण पदक दिलवाया है।

कृष्णा नागर का शारीरिक गठन

कृष्णा नागर की लंबाई 4’5 फीट है। यह पूरी तरह से स्वस्थ व फिट है और उनका वजन 40 किलोग्राम है। इनकी आंखो व बाल का रंग काला है।

कृष्णा नागर की नेटवर्थ

कृष्णा नागर की नेटवर्थ के बारे में बात करें तो यह लगभग 20 लाख रुपए है। इन्हें इनामी राशि के तौर पर 30 से 55 हजार महीने के प्राप्त हो जाते है।

भारत ने पैरा बैडमिंटन में जीता दूसरा स्वर्ण व चार पदक

टोक्यो पैरालंपिक 2020 में भारत पांचवा स्वर्ण पदक जीत चुका है। सबसे पहले प्रमोद भगत ने बैडमिंटन में पहला स्वर्ण पदक दिलाया था और अब कृष्णा नागर ने बैडमिंटन में भारत को दूसरा स्वर्ण पदक दिलवाया है। इनके अलावा सुहास यतीराज ने रजत पदक व मनोज सरकार ने कांस्य पदक दिलवाए, इसलिए अब भारत के बैडमिंटन में 4 पदक हो चुके है।

FAQ

  1. कृष्णा नागर कौन है?

    पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी

  2. कृष्णा नागर के पिता का नाम क्या है?

    सुनील नागर

  3. कृष्णा नागर की माता का नाम क्या है?

    इंदरा नागर

  4. कृष्णा नागर की उम्र कितनी है?

    22 साल

  5. कृष्णा नागर के कोच कौन है?

    गौरव खन्ना

  6. कृष्णा नागर की विकलांगता का मुख्य कारण क्या है?

    छोटे कद की विकलांगता

  7. कृष्णा नागर ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में कौन सा पदक जीता है?

    स्वर्ण पदक

  8. कृष्णा नागर का विश्व रैंकिंग में क्या स्थान है?

    दूसरा स्थान

निष्कर्ष

जब इंसान कुछ करने की सोच लेता है तो किसी भी प्रकार की मुश्किल को आसानी से हल कर लेता है। कृष्णा नागर ने भी अपने जीवन की परेशानियों को अपने भविष्य के आड़े नहीं आने दिया और आज इस मुकाम पर पहुंच गए है। हम सभी को इनसे प्रेरणा लेनी चाहिए और अपने जीवन के लक्ष्य को पाने के लिए सदा आगे बढ़ते रहना चाहिए।

इस लेख के माध्यम से हमने आपको कृष्णा नागर जीवन परिचय से संबंधित सभी महत्वपूर्ण जानकारियां प्रदान की हैं। उम्मीद है आपको हमारा लेख पसंद आया होगा। अगर आपके मन मे कृष्णा नागर से जुड़े कोई प्रश्न है तो आप हमें इन्स्टाग्राम में पूछ सकते है।

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