नकुल के बारे में ये बातें क्या आप जानते हैं?

महाभारत के विशेष किरदारों में से एक किरदार है महापराक्रमी ” नकुल”। महाभारत की बात होने पर नकुल के किरदार पर हमारा विशेष ध्यान नहीं जाता, परन्तु ये वो किरदार है जिनके ना होने पर महाभारत अधूरी है। ये बात तो हम सभी जानते हैं की नकुल न सिर्फ पाँचों पांडवों में अपितु महाभारत के सभी किरदारों में सबसे ज़्यादा सुन्दर और आकर्षक थे। आइये जानते हैं नकुल से जुड़े कुछ किस्से:

1. नकुल बाकी पांडवों की तरह ही राजा पाण्डु के पुत्र थे, और उनकी माता का नाम था माद्री।

धर्मानुसार नकुल को पाण्डु पुत्र कहा जाता है, और महाभारत में इसका वर्णन है कि पाण्डु को नकुल की प्राप्ति “कुमार अश्विनी” से हुई थी।

2. नकुल का रूप इतना आकर्षित था, इतना ज़्यादा सुन्दर था कि कभी कभी युद्ध करने वाले भी उनके रूप को देखकर आश्चर्यचकित हो जाते थे, उनके रूप पर मोहित हो जाते थे।

3. नकुल के पास कुछ ऐसी अद्भुत शक्तियां थी, जो महाभारत के किसी और पात्र के पास नहीं मिलती।

4. नकुल को “अश्विनय” भी कहा जाता है, और “माद्रीनंदन ” के नाम से भी जाना जाता है।

5. नकुल अश्वों से बात कर सकते थे, इसके अलावा भी ऐसे कई और जानवर थे जिनसे नकुल बहुत ही आसानी से बात कर सकते थे।

6. जानवरों में नकुल सबसे ज़्यादा प्रेम घोड़ों से करते थे, घोड़ों की बीमारी का इलाज करना, उनकी के बीच रहना नकुल को प्रिय था। अज्ञातवास के समय भी १ वर्ष तक नकुल ने राजा विराट की घुड़साल संभाली थी।

7. जानवरों से प्रेम, उनसे बात करने के अलावा नकुल एक बहुत ही गुणवान सारथी भी थे। महाभारत में श्री कृष्णा, शल्यराज, संजय के बाद नकुल ही सबसे कुशल सारथी थे।

8. नकुल “आयुर्वेदा” के ज्ञानी भी थे, “आयुर्वेदा” में ये निपुणता हासिल करने के लिए नकुल ने कई वर्षों तक आयुर्वेदा का गहन अध्ययन किया था। आयुर्वेदा में निपुणता के कारन नकुल ऐसी बहुत सारी औषधियों का निर्माण कर चुके थे जिससे जानवरों एवं इंसानों की बीमारी को ठीक किया जा सके।

9. नकुल तलवारबाज़ी में पारंगत थे। कहा जाता है जब नकुल तलवार चलाने में निपुण हो गए थे तो अभ्यास के तौर पर वे भरी बरसात में अपने घोड़े पर सवार होकर बारिश की हर बूँद को काटा करते थे, और वे इसमें इतने निपुण थे कि बरसात समाप्त होने पर या अभ्यास समाप्त होने पर भी नकुल के शरीर पर पानी की एक बूँद नहीं होती थी।

10. नकुल एक कुशल राजनीतिज्ञ और कूटनीतिज्ञ होने के साथ साथ महान योद्धा भी थे| कहा जाता है महाभारत के युद्ध के समय नकुल ने दुर्योधन को परास्त कर दिया था पर उसका वध सिर्फ इसलिए नहीं किया ताकि भीम अपनी प्रतिज्ञा पूर्ण कर सके।

तो इस प्रकार नकुल के चार कलाओं में पारंगत होने का प्रमाण महाभारत में मिलता है:

१. अश्व प्रेमी एवं कुशल सारथी।
२. आयुर्वेदा ज्ञाता।
३. कुशल तलवारबाज़.
४. पारंगत राजनीतिज्ञ.

इसके अतिरिक्त भी महाभारत में अनेक जगहों पर नकुल की महत्वता का वर्णन है। नकुल ने ग्रन्थिक नाम से विराट नगर में रहा करते थे। वर्षा में बिना जल को छुए नकुल बहार रह सकते थे. नकुल को द्रौपदी से एक पुत्र की प्राप्ति भी हई थी जिसे शापानिक के नाम से जाना जाता है। नकुल की द्रौपदी के अलावा एक और पत्नी थी जिसका नाम “करेनुमती” था, जिससे नकुल को “निरमित्र” नाम के पुत्र की प्राप्ति हुई। नकुल की सुंदरता की तुलना कामदेव से की जाती थी। नकुल को अपनी सुंदरता पर घमंड था इसी वजह से स्वर्ग के मार्ग पर जाते हुए नकुल मृत्यु को प्राप्त हुए।

यह भी देखें 👉👉 कर्ण के बारे में ये बातें क्या आप जानते हैं?

admin

Recent Posts

एकादशी व्रत 2021 तिथियां – Ekadashi 2021 Date – एकादशी व्रत का महत्व

एकादशी का हिंदू धर्म में एक विशेष महत्व है। हिंदू धर्म में व्रत एवं उपवास को धार्मिक दृष्टि से एक… Read More

51 years ago

मोक्षदा एकादशी पूजा विधि, व्रत कथा

मोक्षदा एकादशी मार्गशीर्ष महीने के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मोक्षदा एकादशी कहा जाता है। इस एकादशी को वैकुण्ठ एकादशी… Read More

51 years ago

उत्पन्ना एकादशी पूजा विधि, व्रत कथा

उत्पन्ना एकादशी मार्गशीर्ष मास के शुक्लपक्ष की एकादशी को उत्पन्ना एकादशी कहते हैं। इस एकादशी को मोक्षदा एकादशी भी कहा… Read More

51 years ago

देवउठनी एकादशी या देवुत्थान एकादशी पूजा विधि, व्रत कथा

देवउठनी एकादशी या देवुत्थान एकादशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवउठनी एकादशी या देवुत्थान एकादशी कहा जाता… Read More

51 years ago

रमा एकादशी पूजा विधि, व्रत कथा

रमा एकादशी कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को रमा एकादशी कहा जाता है। इस व्रत को करने से… Read More

51 years ago

पापांकुशा एकादशी पूजा विधि, व्रत कथा

पापांकुशा एकादशी आश्विन शुक्ल पक्ष की एकादशी को पापांकुशा एकादशी कहते हैं। जैसा कि नाम से ही पता चलता है… Read More

51 years ago

For any queries mail us at admin@meragk.in