छत्तीसगढ़ में उद्योग | Industry in Chhattisgarh

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  • छ्त्तीसगढ़ में सुनियोजित विकास के अंग के रूप में रायपुर और भिलाईनगर को औद्योगिक क्षेत्र के रूप में स्थापित किया गया है।
  • सूक्ष्म इलेक्ट्रॉनिस उपकरण और उच्च प्रौद्योगिक ऑप्टिकल फ़ाइबर के निर्माण जैसे अन्य आधुनिक उद्योगों को भी स्थापित किया गया है।
  • निजी उद्योगों में सीमेंट कारख़ाने, काग़ज़, चीनी और कपड़ा (सूती, ऊनी, रेशम और जूट) मिलों के साथ- साथ आटा, तेल और आरा मिलें भी हैं।
  • यहाँ पर सामान्य इंजीनियरिंग वस्तुओं के साथ- साथ रासायनिक खाद, कृत्रिम रेशे और रसायन उत्पादन की भी कुछ इकाइयाँ हैं।
  • हथकरघा उद्योग यहाँ फल- फूल रहा है और साड़ी बुनने, ग़लीचे व बर्तन बनाने तथा सोने रसायन उत्पादन की भी कुछ इकाइयाँ हैं।
  • छत्तीसगढ़ में वन, खनिज और भूजल जैसे प्राकृतिक संसाधनों का असीम भंडार है।
  • छत्तीसगढ़ में देश का लगभग 15 प्रतिशत इस्पात तैयार होता है।
  • भिलाई इस्पात संयंत्र, राष्ट्रीय खनिज विकास निगम, साउथ-ईस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड एन.टी.पी.सी. जैसे भारत सरकार और ए.सी.सी. गुजरात अंबुजा, ग्रासिम, एल एंड टी सी सी आई और फ्रांस के ला-फार्गे जैसे बड़े सीमेंट प्लांट तथा 53 इस्पात परियोजनाएं क्रियान्वयन के विभिन्न चरणों में है।
  • राज्य में लगभग 133 इस्पात ढालने के कारखाने, अनेक लघु इस्पात संयंत्र, 11 फैरो-एलॉय कारखाने, इंजीनियरिंग और फैब्रीकेशन इकाइयों सहित बड़े पैमाने पर कृषि आधारित और खाद्य प्रसंस्करण, रसायन, प्लास्टिक, भवन निर्माण सामग्री और वनोत्पाद पर आधारित कारखाने हैं।
  • राज्य में जनवरी-दिसंबर 2006 के बीच 1,07,899 करोड़ रुपए के प्रस्तावित निवेश होने के कारण छत्तीसगढ़ को भारत सरकार के उद्योग मंत्रालय की औद्योगिकी उद्यमशीलता ज्ञापन रिपोर्ट में प्रथम स्थान मिला।
  • भारत के केंद्र में स्थित छत्तीसगढ़ राज्य कारखानों को हर समय बिजली उपलब्ध कराने में सक्षम है।
  • राज्य में कोयले के विशाल भंडार (देश के 17 प्रतिशत) के कारण से राज्य के पास कम लागत पर बिजली उत्पादन के अवसर हैं और अन्य के पास 50,000 मेगावॉट की बिजली उत्पादन क्षमता है। एन.टी.पी.सी बिलासपुर ज़िले में अपना सबसे बड़ा बिजली उत्पादन संयंत्र स्थापित कर रहा है।
  • छत्तीसगढ़ औद्योगिक विकास निगम लि., रायपुर ने राज्य में लगभग 3,500 हेक्टेयर औद्योगिक ज़मीन के विकास, रखरखाव और प्रबंधन का काम अपने हाथ में ले लिया है।
  • निगम द्वारा विकसित ज़मीन में 925 से अधिक उद्योग खुल गये हैं जिन पर 1,800 करोड़ रुपए से भी अधिक का निवेश है और इनमें 80,000 लोगों को रोजगार मिला हुआ है।

राज्य के उधोगो को निम्नलिखित श्रेणियों में बाँटा गया है:-

1. खनिज आधारित उद्योग
2. वन आधारित उद्योग
3. कृषि आधारित उद्योग

खनिज आधारित उद्योग

खनिज आधारित उद्योगों में लौह-इस्पात, सीमेंट, एल्युमिनियम आदि प्रमुख प्रमुख है।

लौह-इस्पात:

  • लौह-इस्पात कारखाना दुर्ग जिले में भिलाई में स्थित है।
  • यह राज्य का एक मात्र इस्पात कारखान है।
  • भिलाई सपाट संयत्र की स्थापना 1955 ई. में पूर्व सोवियत संघ के सहयोग के की गई थी।
  • इस संयंत्र में उत्पादन फरवरी 1959 से प्रारम्भ हुआ था।
  • इस संयंत्र के लिए लौह अयस्क डल्ली-राजहरा की पहाड़ियों से, कोकिंग कोयला झरिया एवं कोरबा से, धुला हुआ कोयला करगाली, पाथरडीह और दुगधा से प्राप्त किया जाता है।

सीमेंट उद्योग:

  • आधारभूत उद्योगों में लौह-इस्पात के पश्चात राज्य में सीमेंट उद्योग का स्थान है।
  • राज्य में चुना-पत्थर की अधिकता के कारण सीमेंट उद्योग का पर्याप्त विकास हुआ।
  • राज्य की प्रथम सीमेंट कारखाने की स्थापना ACC( Associated Cement Company ) के द्वारा 1964 ई. में दुर्ग के जामुल नामक स्थान पर की गई थी।

राज्य में सीमेंट कारखाने:

  • जामुल – दुर्ग
  • बैकुंठपुर, मांढर, नेवर, तिल्दा, रावण भाटा – रायपुर
  • अकलतरा – जांजगीर-चाँम्पा
  • गोपालनगर – जांजगीर-चाँम्पा
  • मोदीग्राम – रायगढ़
  • भूपदेवपुर – रायगढ़
  • बस्तर – बस्तर
  • सोनडीह – बलौदाबाजार

एल्युमिनियम उद्योग:

  • देश में प्रथम सार्वजनिक एल्युमिनियम संयंत्र भारत एल्युमिनियम कंपनी लिमिटेड ( BALCO )  की स्थापना तृतीय पंचवर्षीय योजना में छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में 27 नवंबर 1965 में किया गया।
  • इस कारखाने में उत्पादन वर्ष 1975 में सुरु हुआ।
  • इस कारखाने के लिए बॉक्साइट की आपूर्ति अमरकंटक एवं पुटका स्थित खानों से तथा जल की आपूर्ति हसदो नदी से किया जाता है।
  • इस संयंत्र के तीन अंग है:- एल्युमिनियम संयंत्र, प्रगालक संयंत्र तथा फैब्रिकेशन संयंत्र।

वन आधारित उद्योग

कागज उद्योग:

मध्य भारत पेपर मिल – चाँम्पा

बीड़ी-सिगरेट उद्योग:

  • राज्य में बीड़ी उद्योग कुटीर उद्योग के रूप में हुआ है।
  • राज्य में इस उद्योग के प्रमुख केंद्र जगदलपुर, डोंगरगढ़, राजनांदगांव, खैरागढ़ तथा बिलासपुर है।
  • राज्य में एम.पी.टोबैको लिमिटेड तथा पनामा सिगरेट तथा भिलाई में औधोगिक नगर का लक्ष्मी टोबैको ब्रिस्टल सिगरेट का उत्पादन करता है।

कत्था:

सरगुजा वुड प्रोडक्टस – अम्बिकापुर

हर्रा:

हर्रा निकलने का कारखाना राज्य में रायपुर तथा धमतरी जिले में स्थित है।

कोसा:

  • राज्य में चाँम्पा ( जांजगीर-चाँम्पा ) विशेष रूप से कोसा उद्योग के लिए प्रसिद्ध है।
  • इसके अलावा बिलासपुर, कोरबा, रायगढ़, जशपुर, अम्बिकापुर, महासमुंद, धमतरी, कांकेर, जगदलपुर तथा दंतेवाड़ा  जिलों में इस उद्योग का प्रमुखता से विकास हुआ है।

कृषि आधारित उद्योग

चावल मिल:

राज्य में साबसे ज्यादा चावल की मिले रायपुर जिले में तथा साबसे कम सरगुजा जिले में स्थित है। राज्य में 700 से ज्यादा मिलो की संख्या है।

जुट उद्योग:

राज्य का एकमात्र जुट कारखाना रायगढ़ में स्थित है। इसकी स्थापना 1935 में कई गईं थी।

शक्कर उद्योग:

राज्य में कुल 4 शक्कर कारखाना है।

सूती वस्त्र उद्योग:

  • राज्य में बंगाल-नागपुर कॉटन मिल की स्थापना 1862 में राजा बलराम दास के प्रयासों से स्थापित हुआ।
  • वर्ष 2002 में इस मिल को पूरी तरह बंद कर दिया गया।

एस्ट्रोबोर्ड उद्योग:

कारखाना रायगढ़ में स्थित है।

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