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मध्य प्रदेश में कृषि

  • मध्य प्रदेश की 79 प्रतिशत आबादी कृषि पर निर्भर है।
  • मध्य प्रदेश में कुल 6.32 लाख कृषक परिवार हैं।
  • राज्य के लगभग 49 प्रतिशत भाग पर कृषि की जाती है।
  • अनाज उत्पादन में मध्य प्रदेश का देश में 9वां स्थान है। देश के कुल उत्पादन का 4.65 प्रतिशत
  • कुल खाद्यान उत्पादन में देश में 7वां स्थान (5.93 प्रतिशत)
  • प्रति व्यक्ति खाद्यान्न उत्पादन (2012-13) – 227.5 किग्रा
  • प्रति हेक्टेयर उर्वरक उपयोग (2012-13) – 77.2 किग्रा 
  • प्रति व्यक्ति बोया गया क्षेत्रफल – 0.30 हेक्टेयर
  • राज्य के जी.डी.पी. में कृषि का हिस्सा (2012-13) – 21.32%
  • कृषि में वृद्धि दर (2012-13) – 18.8%

— मध्य प्रदेश की प्रमुख योजनाएँ

मध्य प्रदेश के कृषि क्षेत्र:

कृषि विभाग द्वारा मध्य प्रदेश को 5 कृषि प्रदेशों में विभाजित किया गया है –

1. पश्चिम में काली मिटटी का मालवा प्रदेश:

मंदसौर, नीमच, रतलाम, झाबुआ, बड़वानी, हरदा, धार, देवास, उज्जैन, शाजापुर, इंदौर, खंडवा, खरगौन आदि ज्वार एवं कपास के प्रदेश हैं।

2. उत्तर में ज्वार-गेंहू का प्रदेश:

मुरैना, श्योपुर, भिंड, ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना, छतरपुर तथा टीकमगढ़ जिले में है।

3. मध्य गेंहू का प्रदेश:

इसमें भोपाल, सीहोर, होशंगाबाद, नरसिंहपुर, रायसेन, विदिशा, सागर तथा दमोह जिले शामिल हैं।

4. चावल-गेंहू का प्रदेश:

इसमें उत्तर में पन्ना, सतना, कटनी, उमरिया, जबलपुर तथा सिवनी शामिल हैं।

5. सम्पूर्ण पूर्वी मध्य प्रदेश (चावल का प्रदेश):

इसमें रीवा, सीधी, शहडोल, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट आदि जिले सम्मिलित हैं।

मध्य प्रदेश के 11 कृषि जलवायु प्रक्षेत्र:

भोपाल, जबलपुर, रीवा, ग्वालियर, सागर, इंदौर, खंडवा, झाबुआ, रतलाम, सिवनी एवं बैतूल

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