सुकन्या समृद्धि योजना क्या है? फायदे, नियम | Sukanya Samriddhi Yojana in Hindi

सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) जिसे सुकन्या योजना भी कहा जाता है, बेटियों के लिए चलाया गया एक बचत अभियान है। बेटी के 10 साल के होने से पहले पहले इसे कभी भी खुलवाया जा सकता है। मोदी सरकार द्वारा इस अभियान को प्रारम्भ करने का उद्देश्य बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के कार्य को बढ़ावा देना था। इस अभियान के अंतर्गत बेटियों शिक्षा, शादी-ब्याह की रकम को जुटाने में मदद प्रदान की जाती है। अभियान के तहत अभी 8.1% का ब्याज मिलता है।

सुकन्या समृद्धि योजना के फायदे (Benefits of Sukanya Samriddhi Yojana)

सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) में निवेश करने पर इनकम टैक्स में भी छूट दी जाती है जिसे इनकम टैक्स कानून के अंदर सेक्शन 80C में पारित किया गया है। इस प्रकार वार्षिक 1.5 लाख के निवेश पर टैक्स में छूट का फायदा उठाया जा सकता है, न सिर्फ निवेश पर अपितु सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) से वापिस मिलने वाली रकम भी टैक्स फ्री है।

मार्च के अंत तक सुकन्या समृद्धि स्कीम में निवेश करने पर आप इस वित्त वर्ष के लिए टैक्स छूट का फायदा उठा सकते हैं। बेटी की 10 साल की उम्र से पहले कभी भी सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाया जा सकता है, सुकन्या समृद्धि खाते की रकम मात्रा 250/- रूपये है। हालांकि पहले इसके लिए 1000 रुपये जमा करने पड़ते थे पंरतु बाद में नियमों में बदलाव कर दिया गया। किसी भी वित्त वर्ष में सुकन्या समृद्धि में अधिकतम 1.5 लाख रुपये जमा कराये जा सकते हैं।

सुकन्या समृद्धि खाता किसी भी पोस्ट ऑफिस या बैंक की शाखा में खुलवाया जा सकता है। सुकन्या समृद्धि खाता खुलने के बाद इसे 21 साल तक चालू रखा जा सकता है, यदि माता-पिता चाहें तो सिर्फ 18 साल की उम्र में बेटी की शादी होने तक भी इसे चला सकते हैं और यदि चाहें तो बेटी के 18 साल के होने पर उसकी उच्च शिक्षा के लिए भी 50 फ़ीसदी रकम निकल सकते हैं।

सुकन्या खाते में रकम जमा करने के लिए कुछ विशेष प्रावधान बनाये गए हैं, जिससे की इस योजना को सुचारु रूप से चलाया जा सके, आइये सबसे पहले जानते हैं की योजना के तहत हम कितनी रकम का निवेश कर सकते है:

  • प्रारम्भ में सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खुलवाने की रकम 1000/- रूपी थी, जिसे बाद में घटाकर 250/- रूपये कर दिया गया। एक बार खाता खुलवाने पर उसके बाद उसमें 100 के गुणांक में पैसे जमा करवाए जा सकते हैं।
  • किसी भी एक वित्त वर्ष में 250/- अनिवार्य रूप से जमा करने का प्रावधान है। इस प्रकार एक बार में हम अधिकतम 1.5 लाख रूपये ही योजना के अंतर्गत जमा करा सकते हैं।
  • सुकन्या समृद्धि योजना के अंतर्गत खाता खुलवाने के दिन से अगले 15 सालों तक आप निवेश कर सकते हैं, यदि आप बेटी के 8 साल का होने पर खता खुलवाते हैं तो आप बेटी के 23 साल का होने तक खाते में रकम जमा करा सकते हैं।
  • 15 वर्ष के पश्चात अगले 6 वर्षों तक खाते में जमा राशि पर ब्याज मिलता रहता है, इस प्रकार आप बेटी के 21 साल होने तक योजना के अंतर्गत मिल रही राशि का लाभ उठा सकते हैं।

रकम में पड़ने वाला जुर्माना

सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) के अंतर्गत कुछ विशेष नियम बनाये गए हैं, जिनका उलंघन करने पर खाता धारक को जुर्माना देना पड़ता है:

  • सुकन्या खाते की न्यूनतम राशि 250/- रूपये है, यदि किसी भी समय खाते की रकम 250/ रूपये से कम हो तो खाता अनियमित / बंद हो जाता है, जिसे वापिस से प्रारम्भ करने के लिए 50/- रूपये का जुर्माना दिया जाता है।
  • साथ साथ ही हर साल के लिए न्यूनतम जमा कराई जाने वाली राशि को खाते में जमा करना पड़ता है।
  • जुर्माना ना अदा करने पर सुकन्या समृद्धि खाते में जमा रकम पर पोस्ट ऑफिस के सेविंग अकाउंट के बराबर ब्याज मिलता है। यह अभी करीब 4 फीसदी है। अगर सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज ज्यादा चुका दिया जाए तो उसे पुनः प्रारम्भ किया जा सकता है।

सुकन्या खाते में राशि को जमा करने के विशेष नियम (Rules for Sukanya Samriddhi Yojana)

आइये जनाते हैं उन नियमों के बारे में:

  • सुकन्या खाते में चेक, डिमांड ग्राफ्ट,कॅश या अन्य किसी भी माध्यम से राशि जमा कराई जा सकती है, जिस माध्यम को बैंक में स्वीकार किया जाता हो। रही किसी भी माध्यम से जमा हो, आवेदक को बैंक को आवेदक का नाम (राशि जमा करने वाले का) एवं खाता धारक का नाम देना अनिवार्य है।
  • सुकन्या खाते में चेक, कॅश के अलावा किसी इलेक्ट्रॉनिक ट्रांसफर माध्यम के द्वारा भी निवेश किया जा सकता है, हालांकि उसके लिए बैंक में कोर बैंकिंग सिस्टम की आवश्यकता होती है।
  • यदि बैंक में चेक,ड्राफ्ट जमा कराया जाता है तो चेक या ड्राफ्ट के क्लियर होने के बाद ही ब्याज दिया जाता है, परंतु ऑनलाइन माध्यम से राशि जमा करने के दिन से ही ब्याज दर प्रारम्भ कर दी जाती है।

ब्याज को प्रारम्भ करने के लिए विशेष प्रकार की गणित का इस्तेमाल किया जाता है:

सरकार, सरकारी बॉन्ड की यील्ड के आधार पर हर तिमाही ब्याज दर तय करती है, सुकन्या समृद्धि खाते पर ब्याज दर सरकारी बॉन्ड की तुलना में 0.75 फीसदी तक अधिक होता है। सुकन्या योजना को 2014 में प्रारम्भ किया गया था, तबसे अब तक हर साल ब्याज दर में परिवर्तन किया जाता है। आइये जानते हैं 2014 से अब तक का ब्याज गणित:

1. 1 अप्रैल, 2014: 9.1%

2. 1 अप्रैल, 2015: 9.2%

3. 1 अप्रैल, 2016 – 30 जून, 2016: 8.6%

4. 1 जुलाई, 2016 – 30 सितंबर, 2016: 8.6%

5. 1 अक्टूबर, 2016 – 31 दिसंबर, 2016 : 8.5%

6. 1 जुलाई, 2017 – 31 दिसंबर, 2017 : 8.3%

7. 1 जनवरी, 2018 – 31 मार्च, 2018 : 8.1%

8. 1 अप्रैल, 2018 – 30 जून, 2018 : 8.1%

9. 1 जुलाई, 2018 – 30 सितंबर,2018 : 8.1%

10. 1 अक्टूबर, 2018 – 31 दिसंबर, 2018 : 8.5%

11. 1 जनवरी 2019 – 31 मार्च, 2019 : 8.5%

क्यूंकि यह योजना आम नागरिक की जमा की गयी राशि के ऊपर भी निर्भर है, इसलिए इस योजना में हर गति विधि के लिए कुछ विशेष नियम बनाये गए हैं,

खाता खोलने के नियम क्या हैं?

  • किसी भी बेटी का खाता उसके माता – पिता अथवा किसी कानूनी अभिभावक दवरा ही खोला जा सकता है।
  • नियमानुसार एक बच्ची के लिए एक खाता खोला जाता है, जिसमें 21 वर्ष तक तक राशि जमा कराई जाती है।एक बेटी के नाम पर दो खातों का प्रावधान निषेध है।
  • खाते को प्रारम्भ करने के लिए बेटी का जन्म प्रमाण पत्र जमा कराया जाता है, साथ ही बेटी एवं अभिभावक का पहचान प्रमाण पत्र एवं पते का प्रमाण देना भी अनिवार्य है।

निष्कर्ष (Sukanya Samriddhi Yojana Conclusion)

सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) के बाद से भारत में लिंगांनुपात में एक बड़ा बदलाव आया है, बेटियों की शिक्षा, उनके शादी ब्याह में होने वाले खर्चे को लेकर अभिभावकों की चिंता कम होने से बेटियों की जन्म के समय मृत्यु दर में भी बहुत बड़ा अंतर देखने को मिला है। सरकार अपने पुरजोर प्रयास में है की बेटियों के लिए समाज में जीने की राह को आसान को किया जाए और इसके लिए सरकार की ओर से अथक प्रयास भी किये गए हैं, पंरतु यह सिर्फ सरकार की ज़िम्मेदारी नहीं है, अपितु हर नागरिक का कर्तव्य है।

सरकार द्वारा पारित योजनाओं को सफल बनाने में देश के नागरिकों का ही योगदान होता है, अतः यह आवश्यक है की सरकार द्वारा चलाये गए हर अभियान के बारे में जानकारी हासिल कर उसे सफल बनाने में हमें होना योगदान देना चाहिए जिससे सर्कार भविष्य में और भी योजनाओं का सञ्चालन कर सके और समजाज को और बेहतर बनाया जा सके।

Sukanya Samriddhi Yojana FAQs

सुकन्या समृद्धि योजना के बारे में जानने के बाद भी ऐसे कई सवाल हैं, जिन्हें अधिकाँश रूप से पूछा जाता है, आइये जानते हैं कुछ ऐसे ही सवालों के जवाब:

क्या विदेश में रहने वाली बेटियों के नाम पर खाता खुलवाया जा सकता है?

सुकन्या समृद्धि योजना का लाभ भारत में रहने वाल बेटियों को ही दिया जाता है, भारत के बाहर की अस्थायी नागरिकता के बाद भी बेटियों को इस योजना का लाभ नहीं दिया जाता है। यदि योजना की अवधि के दौरान यदि बेटी की नागरिकता बदलती है तो उसीन दिन से योजना के अंतर्गत मिलने वाले ब्याज को बंद कर दिया जायेगा जिस इन नागरिकता बदली जाएगी।

क्या खाते को एक स्थान से दूसरे स्थान पर ट्रांसफर किया जा सकता है?

जी हाँ, यह संभव है ककि खाते को देख के किसी भी हिस्से में ट्रांसफर किया जा सकता है, लेकिन यह तभी संभव है जब बेटी खुद किसी दूसरे स्थान में ट्रांसफर हो रही हो। राशि को ट्रांसफर करने के लिए भी कुछ विशेष नियन हैं, जिसके तहत: अभिभावक को बेटी के ट्रांसफर होने का सबूत बैंक या पोस्ट ऑफिस को दिखाना पड़ता है। यही किसी भी प्रकार का ऐसा कोई सबूत जमा न कराया जाये तो बैंक या पोस्ट ऑफिस को 100/- देने के बाद खाता ट्रांसफर कराया जा सकता है।

क्या खाते से आंशिक रूप ने जमा किया गया पैसा निकला जा सकता है?

जी, हाँ यह संभव है कि आप खाते से अपनी वित्तीय ज़रूरत को पूरा करने के लिए आंशिक रूप से राशि को निकल सकते हैं, इसके लिए भी कुछ नियमों का प्रावधान है:

1. बेटी की उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
2. बेटी की उच्च शिक्षा अथवा शादी-ब्याह के खर्चे के लिए ही आप पैसा निकाल सकते हैं।
3. पिछले वित्त वर्ष के अंत तक जमा की गयी राशि का 50% भाग ही निकाला जा सकता है।
4. राशि को निकलने हेतु एक लिखित आवेदन के साथ किसी शैक्षणिक संस्थान में एडमिशन का ऑफर और एक फीस स्लिप अथवा शादी ब्याह की स्थिति में उससे संबंधित दस्तावेज जमा कराये जाते हैं।

क्या समय से पहले खाते को बंद कराया जा सकता है?

खाते को बंद कराने के भी अपने कुछ विशेष नियम हैं:

1. खाताधारक की मृत्यु हो जाने पर खाते को बंद कर दिया जाता है, खाते में जमा सारा पैसा अभिभावक को ब्याज सही दे दिया जाता है।
2. इसके अलावा खाता प्रारम्भ करने के बाद 5 साल के बाद इसे बंद किया जा सकता है, यदि किसी प्रकार की कोई विशेष परिस्थिति हो तो।

यह भी देखें

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