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राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना क्या है? राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना हेतु पात्रता, दस्तावेज़

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (Rashtriya Swasthya Bima Yojana)

राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना का उद्देश्य केंद्र सरकार के द्वारा देश के गरीब लोगों को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करना है। देश में अलग अलग योजनाएं निम्न आय वर्ग की जनता के लिए चलायी जाती हैं, ऐसा देखा गया है की हज़ारों योजनाएं चला लेने के बाद भी देश में निम्न आय वर्ग के लोगों के छोटे से हिस्से को भी हम आम समाज का हिस्सा नहीं बना पाए हैं या यूं कहें की इतनी कोशिशों के बाद भी आर्थिक हालत में बहुत ज़्यादा सुधार देखने को नहीं मिला है। सरकार के अथक प्रयास के बाद भी जब सरकार को उम्मीद के अनुसार नतीजे नहीं मिले, तो सरकार द्वारा एक निमित्त योजना के तहत कुछ आंकड़े एकत्रित किये गए जिसमें देखा गया की गरीब वर्ग के लोग स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के क्षेत्र में काफी पीछे हैं, जिसकी वजह से वे अपने गरीब तबके से बहार निकलने में असमर्थ हैं। चिकित्सालयों में होने वाले स्वास्थ्य सम्बन्धी खर्च गरीब तबके के ऊपर एक बहुत बड़ा बोझ है, कई बार पैसों की कमी की वजह से समय से इलाज न होने पर बहुत से लोग अपनी जान गावं देते हैं। इन्हीं सब खामियों को दूर करने हेतु सरकार द्वारा एक नयी योजना का शुभारम्भ किया गया था जिसे नाम दिया गया “राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना” (Rashtriya Swasthya Bima Yojana); इस योजना को प्रारम्भ से ही सभी सरकारी एवं गैर सरकाई संस्थाओं का समर्थन मिला।

योजना का नामराष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना
इनके द्वारा शुरू किया गयाकेंद्र सरकार द्वारा
लाभार्थीदेश के गरीब लोग
उद्देश्यगरीब नागरिको को स्वास्थ्य बीमा प्रदान करना
ऑफिसियल वेबसाइटhttp://www.rsby.gov.in/

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना क्या है? (Rashtriya Swasthya Bima Yojana)

स्वास्थ्य के कारण होने वाले भिन्न भिन्न प्रकार के जोखिमों से निम्न वर्ग के परिवारों को सुरक्षित रखना है। ऐसे देखा गया है की दलित परिवार के लोग स्वास्थ्य बीमा इसलिए नहीं करवाते हैं क्योंकि उसमें एक निश्चित राशि का भुगतान कुछ किश्तों के रूप में करना होता है, धन के अभाव के कारण यह खर्च वहन करना सामान्य नहीं होता। स्वास्थ्य बीमा लेकर उसे चालू रखना बहुत ही संघर्ष का कार्य होता है। यही सब देखते हुए केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना – RSBY आरंभ की है। आंकड़ों के अनुसार 25 मार्च 2013 तक, योजना में 34285737 स्‍मार्ट कार्ड और 5,097,128 अस्‍पताल में भर्ती होने के मामले हैं।

सरकार द्वारा गरीबी रेखा से नीचे के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा प्रदान करने हेतु इस योजना का प्रारम्भ किया गया है।परिवाओं को स्वास्थ्य बीमा की राशि प्रदान की जाएगी साथ ही साथ अस्पताल के खर्चे को भी इसमें सीमित किया गया है।

राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना के लिए निर्धारित नियम –

1. 750/- रुपए के अनुमानित वार्षिक प्रीमियम की 75% राशि प्रति वर्ष प्रति परिवार अधिकतम 565/- रुपए होगी।

2. स्‍मार्ट कार्ड का मूल्‍य केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।

3. उपयुक्त योगदान भारत सरकार द्वारा दिया जायेगा।

4. वार्षिक प्रीमियम की 25% राशि और अन्य कोई प्रीमियम राज्य सरकारों द्वारा प्रदान किया जायेगा।

5. लाभार्थी को वार्षिक नामांकन कराने के लिए 30/- रूपये का भुगतान करना होगा।

6. योजना में लगने वाली हर प्रकार की लागत सरकार द्वारा वहन की जाएगी।

राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना की नामांकन प्रक्रिया –

1. सरकार की ओर से कुछ बीमा कर्त्ता सुनिश्चित किये जायेंगे जिन्हें गरीबी रेखा से नीचे के लोगों का डाटा दिया जायेगा।

2. बीमा कर्त्ता द्वारा प्रत्येक गांव के लिए एक सूची सुनिश्चित की जाएगी जिसमें ब्लॉक या जिला स्तर के अधिकारियों की सहायता ली जाएगी।

3. प्रत्येक गावं में योजना के अंतर्गत आने वाले लोगों की सूची लगायी जाएगी जिसमें समय और तिथि को पहले ही सुनिश्चित कर लिया जायेगा।

4. गाँव के किसी एक स्थान को केंद्र बनाया जायेगा जहाँ पर सभी प्रकार के उपकरण बिओमेट्रिक के लिए उपलब्ध होंगे।

5. आवेदक द्वारा 30/- रूपये का वार्षिक भुगतान किये जाने पर, उस्की उँगलियों के निशान लिए जायेंगे और एक स्मार्ट कार्ड प्लास्टिक के कवर में दिया जायेगा। साथ ही साथ योजना से जुडी साड़ी जानकारी एवं चिकित्सालयों की सूची भी प्रदान की जाएगी।

स्मार्ट कार्ड क्या है? एवं किस प्रकार इस्तेमाल किया जायेगा?

नकद रहित सेवा लाभार्थियों को प्रदान करने के लिए स्मार्ट कार्ड का प्रयोग किया जाता है। साथ ही साथ स्मार्ट कार्ड का प्रयोग उंगलियों के निशाँ एवं लाभार्थी कीपहचान करने हेतु भी किया जाता है। कार्ड में परिवार के मुखिया की एक तस्वीर भी लगी होती यदि किसी अन्य प्रकार से पहचान न की जा सके तो तस्वीर द्वारा लाभार्थी की पहचान की जाती है।

इस्तेमाल?

स्‍मार्ट कार्ड के साथ एक हेल्‍प लाइन नंबर प्रदान किया जाता है साथ ही साथ अदपतालों की सूची भी।राष्ट्रीय माप-दण्‍डों के आधार पर सार्वजनिक एवं निजी, दोनों ही प्रकार के अस्‍पतालों को बीमा कंपनी द्वारा नामिकाबद्ध किया जाएगा।

अस्‍पताल को 30000/- रुपए तक के इलाज के लिए कोई भुगतान लाभार्थी द्वारा नहीं किया जायेगा साथ ही साथ लाभार्थी स्वयं यह सुनिश्चित कर सकता है की वह सूचीबद्ध अस्पतालों में से किस अस्पताल में अपना इलाज चाहता है।

नकद रहित सेवा के मामले में रोगी को इलाज और अस्‍पताल में भर्ती कराने के लिए कोई राशि नहीं देनी होगी, यह पूर्ण रूप से अस्‍पताल का दायित्‍व होगा की वह बीमा कर्ता से इसका दावा करें।

राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना हेतु पात्रता –

1. असंगठित क्षेत्र के वे सभी कामगार जो बीपीएल श्रेणी में आते हैं और उनके परिवार के सदस्‍य को योजना के तहत् लाभ मिलेंगे। जिसमें पांच सदस्यों की एक इकाई मानी जाएगी।

2. कार्यान्‍वयन एजेंसियों की जिम्‍मदारी होगी कि वे असंगठित क्षेत्र के कामगारों और उनके परिवार के सदस्‍यों की योग्‍यता का सत्‍यापन करें, जिन्‍हें योजना के तहत् लाभ मिलने का प्रस्‍ताव है।

लाभार्थियों को पहचान के उद्देश्‍य के लिए स्‍मार्टकार्ड जारी किए जाएंगे।

राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना के लिए दस्तावेज़

  • आवेदक का आधार कार्ड
  • राशन कार्ड
  • बीपीएल प्रमाण पत्र
  • आय प्रमाण पत्र
  • निवास प्रमाण पत्र
  • मोबाइल नंबर
  • पासपोर्ट साइज फोटो

राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना से मिलने वाले लाभ-

राष्ट्र सरकार द्वारा योजना को बाहरी रूप से संचालित किया जायेगा। योजना को आंतरिक रूप से राज्य सरकार द्वारा संचालित किया जायेगा जिसमें राज्य सरकार द्वारा राज्य के भौगोलिक प्रारूप को देखते हुए बीमा के नियम निर्धारित किये जायेंगे। हालांकि राष्ट्र सरकार द्वारा राज्य सरकारों को कुछ विशेष निर्धारित नियम दिए गए हैं जिन्हें राज्य सरकार द्वारा लागू किया जाना आवश्यक है-

1. असंगठित क्षेत्र के कामगार और उनके परिवार शामिल किए जाएंगे, जिनमें पांच लोगों की एक इकाई होगी।

2. प्रति परिवार प्रति वर्ष पारिवारिक फ्लोटर आधार पर कुल बीमा राशि 30000/- रुपए होगी।

3. सूचीबद्ध सभी शामिल बीमारियों के लिए नकद रहित सहायता भी प्रदान की जाएगी।

4. अस्‍पताल के व्‍यय एवं अन्य सभी सामान्‍य बीमारियों की देखभाल सहित कुछ निष्‍कासन संभव हैं इसमें सभी पूर्व – मौजूद रोग शामिल किए जाएं।

5. परिवहन लागत के साथ 1000/- रुपए की समग्र सीमा।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना पिछली हर स्वास्थ्य योजना से अलग कैसे ?

पिछली सभी योजनाओं के समय में सरकार ने या तो राज्‍य स्‍तर या राष्‍ट्रीय स्‍तर पर चुने हुए लाभार्थियों को स्‍वास्‍थ्‍य बीमा कवर प्रदान करने का प्रयास किया है, जबकि इनमें से अधिकांश योजनाएं अपने निर्धारित उद्देश्‍य पूरे करने में भी सफल नहीं रही थी।

यहीं सब कमियों को ध्‍यान में रखते हुए, भारत सरकार ने एक ऐसी स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना तैयार की जिसमें ना केवल पिछले योजनाओं की कमियों को दूर किया गया, अपितु भिन्न भिन्न प्रकार के शोधों के आधार पर नया प्रारूप देकर एक विश्‍व स्‍तरीय मॉडल तैया किया गया। वर्त्तमानित और पूर्व स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजनाओं की एक आलोचनात्‍मक समीक्षा की बैठक की गई और इनकी योजनाबद्ध नीतियों के उद्देश्यों और ग‍लतियों से सबक लिया गया। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए सरकार द्वारा एक नया मॉडल तैयार किया गया जिसे आर एस बी वाय का नाम दिया गया। इसे 1 अप्रैल 2008 से प्रारम्भ किया गया है।

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राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना से जुडी कुछ उत्कृष्ट बातें –

सरकार ने योजना को सफल बनाने हेतु अनेक प्रकार के दल बनाकर भिन्न भिन्न प्रणालयों का निर्माण किया है, जिनमें से कुछ निम्न प्रकार से हैं –

1. सशक्तिकरण – योजना के अंतर्गत एक सूची लाभार्थी को प्रदान की जाती हैं जिसमें मान्यता प्राप्त अभी सरकारी एवं गैर सरकारी चिकित्सालय होते हैं। लाभार्थी को इस बात की पूरी स्वतंत्र दी जाती है की वे अपना चिकित्सालय स्वयं निर्धारित कर सकें। इस माध्‍यम से चिकित्सालयों को मिलने वाले महत्‍वपूर्ण राजस्‍व के समक्ष लाभार्थी को एक संभावित ग्राहक बनाते हैं।

2. बीमाकर्ता – स्वास्थ्य बीमा के लिए प्रत्‍येक परिवार के नामांकन के लिए बीमाकर्ता को सरकार द्वारा भुगतान किया जाता है। अत: बीमाकर्ता को गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली लोगों की सूची में से अधिक से अधिक घरों का नामांकन करने की प्रेरणा मिलती है, क्यूंकि नामांकन के आधार पर ही भुगतान किया जायेगा। फल स्वरुप लक्षित लाभार्थियों का बेहतर कवरेज होता है।

3. चिकित्सालय – चिकित्सालयों में बड़ी संख्‍या में लाभार्थियों को उपचार उपलब्‍ध कराने के लिए प्रोत्‍साहन दिया जाता है, क्‍योंकि चिकित्सालयों को भी  उपचार पाने वाले प्रति लाभार्थी के अनुसार भुगतान किया जाता है। यहां तक कि सार्वजनिक अस्‍पतालों को योजना के तहत् लाभार्थियों के उपचार के लिए प्रोत्‍साहन राशि दी जाती है, क्‍योंकि धन राशि बीमा कर्ता की ओर से सीधे संबंधित सार्वजनिक अस्‍पताल को दी जाएगी, जिसे वे अपने प्रयोजनों में इस्‍तेमाल कर सकते हैं। ऐसा देखा गया है सरकार द्वारा मिलने वाली राशि को पाने के लिए अस्पतालों में गलत तरीके से सूची तैयार की जाती है इसलिए बीमा कर्ता का यह भी दायित्व है की वो धोखा धड़ी वाले अस्पतालों के बारे में सूचित करें।

4. नकद रहित लेनदेन – राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना के लाभार्थी को किसी भी सूचीबद्ध अस्‍पताल में नकद रहित लाभ मिलता है। उसे केवल अपना स्‍मार्ट कार्ड लेकर जाना होता है जिससे उनकी पहचान की जाती है और उन्‍हें इलाज से संबंधित कोई कागजात बीमाकर्ता को भेजने की जरूरत नहीं होती है, ये अस्पताल का दायित्व है की वे स्वयं बीमा कर्ता से दावा करें।

5. वित्तीय सहायता – योजना के तहत सरकार प्रति वर्ष प्रति परिवार अधिकतम 750/- रुपए के भुगतान से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली जन आबादी को पूर्ण स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल प्रदान कर सकती है। सार्वजनिक स्‍वास्‍थ्‍य देखभाल प्रदाताओं की कार्यशैली में सुधार आएगा साथ ही साथ एक बेहतर स्वास्थय हेतु एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा भी होगी।

6. स्मार्ट कार्ड – प्रत्‍येक लाभार्थी परिवार को एक स्‍मार्ट कार्ड जारी किया जाता है जिसमें उनकी अंगुलियों के निशान और तस्‍वीरें होती है। योजना के तहत् सूचीबद्ध सभी अस्‍पताल आईटी समर्थित है और ये जिला स्‍तर पर एक सर्वर से जुड़े हुए है। इससे समय समय पर सेवा उपयोगिता के विषय में सुचारु डाटा उपस्थित होगा।

7. सुरक्षित देख-रेख और मूल्यांकन – सरकार द्वारा एक मजबूत मूल्‍यांकन प्रणाली का विकास किया गया है। एक विस्‍तृत डाटा प्रबंधन प्रणाली लाई गई है जो पूरे भारत में किए जाने वाले लेन देन पर नजर रख सकती है और समय समय आवधिक रिपोर्ट प्रदान करती है। सरकार को बीमा कर्त्ता द्वारा दिए जाना वाला डाटा, सर्वर द्वारा निकलने वाला डाटा और अन्य सभी प्रकार के दस्तवेजों का सटीक रूप से मूल्यांकन किया जाता है साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाता है नामांकित हर लाभार्थी को योजना का लाभ पूर्ण रूप से मिले। राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की एक मुख्य विशेषता यह भी है कि जिन्‍हें एक विशेष जिले में नामांकित किया गया है वे पूरे भारत में किसी भी आरएसबीवाय सूचीबद्ध अस्‍पतालों में अपने स्‍मार्ट कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। इससे यह योजना बहुत अधिक विशिष्‍ट श्रेणीऔर उन गरीब परिवारों के लिए लाभकारी बन जाती है जो एक स्‍थान से दूसरे स्‍थान की ओर जाते हैं।

 8. सुरक्षित डाटा – बायोमेट्रिक समर्थित स्मार्ट कार्ड के उपयोग से यह योजना सुरक्षित और त्रुटि रहित बनती है। योजना प्रणाली यह सुनिश्चित करती है कि स्मार्ट कार्ड केवल वास्तविक लाभार्थी तक पहुंचे, इसलिए एक प्लास्टिक के कवर में दिया जाता है इसमें स्मार्ट कार्ड जारी करने तथा इसके उपयोग के संदर्भ में कार्ड धारक और कार्ड दाता की जवाबदेही बनी रहती हैं।

राष्ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना का अगर कोई लाभ न मिले या किसी भी प्रकार की शिकायत को कैसे करें?

योजना को जनता के बीच में सुचारु रूप से चलने के लिए यह आवश्यक है की जनता को होने वाली परेशानियों का भी ध्यान रखा जाये जिससे योजना में होने वाली त्रुटियों को ठीक किया जा सके साथ ही साथ जनता को निश्चिन्त किया जा सके की उन्हें होने वाली हर प्रकार की असुविधा के लिए सरकार उनके साथ है। सरकार ने योजना के सञ्चालन के साथ साथ योजना में एक शिकायत प्रणाली भी स्थापित की है, जिससे योजना के लाभार्थी को होने वाली किसी भी प्रकार की असुविधा को सरकार तक आसानी से पहुँचाया जा सके। शिकायत प्रणाली में एक विशेष दाल जनता की ओर से आने वे हर शिकायत का हल उन्हें देता है साथ ही साथ लाभार्थी भी अपने शिकायत की स्थिति को चेक कर सकता है। शिकायत प्रणाली के बारे में पूरा जानने हेतु PDF ओपन करें।

यह भी देखें 👉👉 सम्बल योजना क्या है? जन-कल्याण योजना में पंजीकरण कैसे करें?

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