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राजस्थान के जलवायु प्रदेश

राजस्थान में वार्षिक वर्षा का औसत – 58 सेमी / 57.70 सेमी है, तो पश्चिमी राजस्थान और पूर्वी राजस्थान में औसत वर्षा 313 मिमी और 675 मिमी है। वर्षा के आधार पर राजस्थान को पांच जलवायु प्रदेशों में बांटा गया है:

  1. शुष्क जलवायु प्रदेश ( Dry climate region )
  2. अर्द्ध शुष्क जलवायु प्रदेश ( Semi-arid climate region )
  3. उप आर्द्र जलवायु प्रदेश (Sub-humid climate region )
  4. आर्द्र जलवायु प्रदेश ( Humid climate region )
  5. अति आर्द्र जलवायु प्रदेश ( Very humid climate region )

शुष्क जलवायु प्रदेश (Dry climate region): –

  • इसमें जैसलमेर (प्रतिनिधि नगर) दक्षिणी गंगानगर , पश्चिमी बीकानेर , हनुमानगढ़ , जोधपुर (फलौदी) आदि स्थान आते है ।
  • इस क्षेत्र की औसत वर्षा 10-20 सेमी. एवं तापमान शीतऋतु में 10-17 डिग्री से. एवं ग्रीष्मऋतु में 35 डिग्री से. तक होता है ।
  • इस क्षेत्र में छोटी पत्तियों वाली कंटीली वनस्पति पायी जाती है जिसे मरुदभिद / जिरोफाइट कहते है ।

अर्द्ध शुष्क जलवायु प्रदेश (Semi-arid climate region): –

  • इस क्षेत्र में गंगानगर , बीकानेर (प्रतिनिधि नगर) , बाड़मेर , चूरू , सीकर , झुंझुनू , जोधपुर , पाली , जालौर , नागौर , अजमेर , टोंक , दौसा व जयपुर आदि शामिल हैं ।
  • इस प्रदेश में औसत वर्षा 20-40 सेमी. एवं तापमान ग्रीष्मकाल में 32 डिग्री से. एवं शीतऋतु में 10-16 डिग्री से. तक रहता है ।
  • इस क्षेत्र में स्टेपी प्रकार की वनस्पति व घास के मैदान पाये जाते है ।
  • यहां प्राप्त होने वाले वृक्षों में आक , धोक , बबूल , खींप , जाल , रोहिड़ा , खेजड़ी आदि एवं सेवण व लावण नामक घास पायी जाती है
  • राजस्थान की सर्वाधिक खारे पानी की झींले इसी क्षेत्र में मिलती है ।

उप आर्द्र जलवायु प्रदेश (Sub-humid climate region) : –

  • इसके अंतर्गत जयपुर (प्रतिनिधि) , अजमेर , पाली , जालौर , सिरोही , भीलवाड़ा , टोंक , अलवर आदि जिले आते है ।
  • इस क्षेत्र में औसत वर्षा 40-60 सेमी. एवं तापमान शीतकाल में 12-18 डिग्री से. व ग्रीष्मकाल में 28-32 डिग्री से. तक होता है ।
  • इस क्षेत्र में पर्वतीय वनस्पति एवं पतझड़ वनस्पति पायी जाती है । जिसमें आम , नीम , आंवला , खेर , बहड़ आदि वृक्ष प्रमुख है ।

राजस्थान की जनजातियां – Tribes of Rajasthan

आर्द्र जलवायु प्रदेश (Humid climate region): –

  • इसके अंतर्गत धौलपुर , सवाई माधोपुर (प्रतिनिधि नगर) , करौली , कोटा , बूंदी , टोंक , चितौड़गढ़ , राजसमन्द व उदयपुर आदि जिले आते है ।
  • इस क्षेत्र में औसत वर्षा 40-80 सेमी. एवं तापमान ग्रीष्मकाल में 32-34 डिग्री से. व शीतकाल में 14-17 डिग्री से. तक होता है ।
  • इस क्षेत्र में सघन पतझड़ वन पाये जाते है , जिनमें आम , बेर , इमली , नीम , बबूल , शहतूत , शीशम , गूगल , जामुन आदि वृक्ष पाये जाते है

अति आर्द्र जलवायु प्रदेश (Very humid climate region): –

  • इस प्रदेश में झालावाड़ (प्रतिनिधि नगर) , कोटा , उदयपुर का दक्षिणी भाग , आबू पर्वत (सिरोही) , डूंगरपुर एवं बांसवाडा आदि क्षेत्र शामिल है ।
  • इस क्षेत्र में औसत वर्षा 80-150 सेमी. व तापमान ग्रीष्मकाल में 30-38 डिग्री से. व शीतकाल में 14-18 डिग्री से. तक रहता है ।
  • इस प्रदेश की मुख्य वनस्पति सवाना तुल्य प्रकार की है , जिसमे जामुन , आम , शहतूत , सागवान , शीशम , बांस , महुआ आदि वृक्ष मुख्य रूप से उगाये जाते है ।
  • राजस्थान विषम जलवायु वाला प्रदेश है , परन्तु उदयपुर राज्य का एक मात्र ऐसा जिला है जहाँ की जलवायु सम जलवायु है ।
  • दूसरा सबसे ठंडा स्थान डबोक (उदयपुर) है ।
  • राज्य में भारतीय मौसम विभाग की वेधशाला जयपुर में स्थित है ।

राजस्थान में जून माह में न्यूनतम वायुदाब जैसलमेर जिले में संभावित है राजस्थान को दो भागों में बांटने वाली सम वर्षा रेखा 50 सेंटीमीटर की है राजस्थान में माउंट पश्चिमी विक्षोभ संबंधित है जब पुष्कर की पहाड़ियों में भारी वर्षा होती है तो बाढ़ बालोतरा जाती है

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