ब्लूबेरी (नीलबदरी) के फायदे, उपयोग और नुकसान

ब्लूबेरी (नीलबदरी)

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संक्षिप्त परिचय

ब्लूबेरी को “नीलबदरी” के नाम से भी जाना जाता है जो कि स्‍वास्‍थ्‍य संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में सहायक होता है। ब्लूबेरी एक नीले रंग का फल है जिसमे कई औषधीय गुण पाए जाते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम वैक्‍सीनियम कोरिम्‍बोसम (Vaccinium corymbosum) है। हालांकि अलग-अलग स्‍थानों पर इसे कई अन्‍य नामों से भी जाना जाता है। यह एंटीऑक्‍सीडेंट और फाइटोन्‍यूट्रिएंट्स का सबसे अच्‍छा स्रोत है। ब्‍लूबेरी फल का स्‍वाद खट्टा मीठा होता है। इसमें कई प्रकार के विटामिन्स पाए जाते है जो कई बीमारियों से लड़ने में सहायक होते हैं। इस पोस्ट में हम आपको ब्‍लूबेरी के फायदे और नुकसान और कई अन्य जानकारियां बताएंगे।

ब्लूबेरी के प्रकार (Types Of Blueberry in Hindi)

हाईबश ब्लूबेरी (Highbush Blueberry)
  • हाईबश ब्‍लूबेरी (Highbush blueberry) दो प्रकार की होती है- दक्षिणी हाईबश ब्‍लूबेरी (Southern highbush blueberry) और उत्तरी हाईबश ब्‍लूबेरी (Northern highbush blueberry)
  • उत्तरी हाईबश ब्‍लूबेरी (Northern highbush blueberry) के अंतर्गत ब्लूबेरी के जर्सी, हार्डीब्लू, लिगेसी, ब्‍लूगोल्‍ड, पेट्रियट, ब्‍लूक्रॉप, मर्फी, रुबेल आदि प्रकार पाए जाते हैं।
  • दक्षिणी हाईबश ब्‍लूबेरी (Southern highbush blueberry) के अंतर्गत शार्पब्लू, ऑनईल, मिस्टी, गोल्फ कोस्ट, सनशाइन ब्लू आदि प्रकार पाए जाते हैं।
  • दक्षिणी हाईबश ब्‍लूबेरी की यह किस्‍म ज्‍यादातर सर्दियों के मौसम में विकसित होती है। क्योंकि ब्‍लूबेरी की यह प्रजाति ठंडे मौसम के लिए अधिक अनुकूल होती है।
  • ब्लूबेरी की अन्य किस्मों की तुलना में हाईबश ब्लूबेरी में अत्यधिक मात्रा में विटामिन्स और खनिज तत्व पाए जाते हैं जिसकी वजह इसको उच्च रोग प्रतिरोधी माना जाता है।
लोबश ब्‍लूबूरी (Lowbush blueberry)
  • लोबश ब्‍लूबूरी (Lowbush blueberry) को अमेरिका और कनाडा में उगाया जाता है।
  • ब्लूबेरी की इस प्रजाति के फल मीठे और स्वादिष्ट होते हैं।
  • हाईबश ब्लूबेरी की तुलना में लोबश ब्‍लूबूरी का पौधा छोटा होता है इसलिए इस पौधे को सजावट के रूप में घर के बगीचे में भी लगाया जा सकता है।
  • इस प्रजाति को नियमित रूप से छंटाई की आवश्‍यकता होती है।
  • लोबश ब्‍लूबूरी की टॉप हेड और रूबी कार्पेट (Ruby carpet) नामक प्रजाति पाई जाती हैं।
रैबिटआई ब्‍लूबेरी (Rabbiteye Blueberry)
  • रैबिटआई ब्‍लूबेरी (Rabbiteye Blueberry) दक्षिण अमेरिका में अत्यधिक लोकप्रिय फल है
  • इस प्रजाति के पौधे 6 से 10 मीटर तक लम्बाई वाले होते हैं।
  • रैबिटआई ब्लूबेरी पौधों को ग्रीष्मकाल वाले क्षेत्रों में भी आसानी से लगाया जा सकता है।
  • रैबिटआई ब्‍लूबेरी (Rabbiteye Blueberry) के अंतर्गत ब्लूबेरी के टिफब्लू, क्लाइमेक्स, प्रीमियर, ब्राइटवेल आदि प्रकार पाए जाते हैं।
हाफ-हाई ब्‍लूबेरी (Half-high Blueberry)
  • हाफ-हाई ब्‍लूबेरी एक उच्च किस्म की प्रजाति होती है जिसको उच्च तापमान में भी उगाया जा सकता है।
  • यह 35-45 डिग्री तक तापमान में भी बढ़ता है।
  • हाफ-हाई ब्‍लूबेरी का पौधा लगभग तीन से चार फीट तक लम्बा होता है।
  • यह लोबश ब्‍लूबेरी और उत्तरी हाईबश ब्‍लूबेरी से मिश्रित पौधा होता है।
  • यह पौधा इन दोनों की ब्‍लूबेरी की ऊंचाई का मध्‍यम ऊंचाई का होता है।
  • हाफ-हाई ब्‍लूबेरी के अंतर्गत ब्लूबेरी के पोलरिस, नार्थस्काई, ब्लूगोल्ड, पेट्रियट आदि प्रकार पाए जाते हैं।
  • इस प्रकार की ब्‍लूबेरी को ब्‍लूगिल, नॉर्थलैंड, उत्‍तर कंटरी आदि स्‍थानों में अधिक मात्रा में उगाया जाता है।

ब्‍लूबेरी के पोषक तत्‍व

  • ब्‍लूबेरी में पोषक तत्‍वों की मौजूदगी काफी ज्यादा होती है।
  • अमेरिका की यूनिवर्सिटी ऑफ फ्लोरिडा इंस्टीट्यूट ऑफ फूड एंड एग्रीकल्चरल साइंसेज के शोध के अनुसार ब्लूबेरी में अनेक प्रकार के खनिज और विटामिन्स पाए जाते हैं जो कैंसर, डायबिटीज, मोटापा, कोलस्ट्रोल जैसी कई बिमारियों के लिए फायदेमंद होते हैं।
  • ब्लूबेरी में पाए जाने वाले पौष्टिक तत्वों में एंटीऑक्सीडेंट, फाइबर, विटामिन सी, विटामिन बी 6, फोलेट, पोटेशियम, विटामिन K, कार्बोहाइड्रेट, सोडियम, मैंगनीज, कॉपर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, फैटी एसिड सैचुरेटेड, फैटी एसिड पॉलीअनसैचुरेटेड, फैटी एसिड मोनोअनसैचुरेटेड, थियामिन, Riboflavin, फोलेट, विटामिन-ए, विटमिन ई, पानी, ऊर्जा, प्रोटीन, Antimicrobial, एंटी इंफ्लेमेटरी (anti inflammatory), सेलेनियम (Selenium) तत्व पाए जाते हैं जो स्वास्थ्य के लिए गुणकारी और फायदेमंद होते हैं।
  • इनमें कार्बोहाइड्रेट और सोडियम की मात्रा बहुत ही कम और पानी अच्‍छी मात्रा में होता है।
  • ब्‍लूबेरी में पर्याप्‍त मात्रा में एंटीऑक्‍सीडेंट विशेष रूप से एंथोसायनिन होता है। यह घटक इन फलों को गहरा नीला रंग और शक्तिशाली स्‍वास्‍थ्‍य लाभ के लिए जिम्‍मेदार होता है।
100 ग्राम ब्लूबेरी में पाए जाने वाले तत्व
पोषक तत्वमात्रा प्रति 100 ग्राम
पानी84.21 ग्राम
कैलोरी57 kcal
ऊर्जा240 किलोजूल
प्रोटीन0.74 ग्राम
फैट0.33 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट14.49 ग्राम
फाइबर2.4 ग्राम
शुगर9.96 ग्राम
मिनरल्स
कैल्शियम6 मिलीग्राम
आयरन0.28 मिलीग्राम
मैग्नीशियम6 मिलीग्राम
फास्फोरस12 मिलीग्राम
पोटैशियम77 मिलीग्राम
सोडियम1 मिलीग्राम
जिंक0.16 मिलीग्राम
कॉपर0.057 मिलीग्राम
मैग्नीशियम0.336 मिलीग्राम
सेलेनियम0.1 माइक्रोग्राम
विटामिन
विटामिन सी9.7 मिलीग्राम
थायमिन0.037 मिलीग्राम
राइबोफ्लेविन0.041 मिलीग्राम
नियासिन0.418 मिलीग्राम
विटामिन-बी 60.052 मिलीग्राम
फोलेट6 माइक्रोग्राम
कोलिन6 मिलीग्राम
विटामिन-ए, RAE3 माइक्रोग्राम
बीटा-कैरोटिन32 माइक्रोग्राम
विटामिन-ए, आईयू54 आईयू
विटामिन-ई0.57 मिलीग्राम
विटामिन-के19.3 माइक्रोग्राम
लिपिड्स
फैटी एसिड टोटल सैचुरेटेड0.028 ग्राम
फैटी एसिड टोटल मोनोअनसैचुरेटेड0.047 ग्राम
फैटी एसिड टोटल पॉलीअनसैचुरेटेड0.146 ग्राम

ब्‍लूबेरी के फायदे (Benefits of Blueberry in Hindi)

ब्‍लूबेरी के सेवन से आप शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहते हैं जिसका हमारे दैनिक जीवन में अत्यंत महत्त्व है।

मानिसक रूप से स्वस्थ्य रहने और मेमोरी बढ़ाने में लाभकारी
  • नियमित रूप से ब्‍लूबेरी का सेवन करना आपकी याद रखने की क्षमता को बढ़ाता है।
  • इसके अलावा यह आपकी दैनिक सहनशक्ति (स्टेमिना) को भी बढ़ाने में सहायक होता है।
  • ब्लूबेरी में कई तरह के मिनरल्स, विटामिन्स पाए जाते हैं जो मस्तिष्क के लिए सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं अर्थात मस्तिष्क को स्वस्थ बनाने में कारगार होते हैं।
  • ब्‍लूबेरी में पाया जाने वाला तत्व फाइटो न्यूट्रीएंट मस्तिष्क की सभी कोशिकाओं को सक्रिय बनाता है।
  • ब्लूबेरी में एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ई भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो मेमोरी यानी यादाश्त को बढ़ाता है।
  • इसके अतरिक्त ब्लूबेरी में Anthocyanin नामक गुण भी पाया जाता है जो मस्तिष्क की कोशिकाओं में रक्त संचार को ठीक करके मस्तिष्क से सम्बन्धी अन्य विकारों को सही करने में मदद करता है।
शारीरिक रूप से स्वस्थ्य रहने में लाभकारी
  • नियमित रूप से सेवन करने पर ब्‍लूबेरी का आपकी सेहत और स्‍वास्‍थ्‍य पर काफी असर पड़ता है।
  • ब्‍लूबेरी में मौजूद पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ आपके बेहतर स्‍वास्‍थ्‍य को बनाए रखने में अहम योगदान देते हैं।
  • विशेष रूप से ब्‍लूबेरी खाने के फायदे पाचन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में होते हैं। जिससे संपूर्ण शरीर के स्‍वस्‍थ रखने में मदद मिलती है।
स्‍वस्‍थ हड्डियों के लिए
  • मानव शरीर को स्वस्थ रखने में हड्डियों का विशेष योगदान होता है।
  • ब्‍लूबेरी आपकी हड्डियों को स्‍वस्‍थ रखती है।
  • अध्‍ययनों ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ब्‍लूबेरी में मौजूद पोषक तत्‍व और खनिज पदार्थ हड्डियों को मजबूत और सख्‍त बनाने में सहायक होते हैं।
  • स्वस्थ हड्डियों की वजह से मानव कठिन परिश्रम करने में सक्षम होता है।
  • कमजोर हड्डियों से मनुष्य अपने आप को असहाय और लाचार महसूस करने लगता है इसलिए हड्डियों को स्वस्थ और निरोगी बनाये रखना बेहद आवश्यक होता है।
  • कैल्शियम, vitamin D, मैग्नीशियम, पोटैशियम, प्रोटीन हड्डियों को मजबुत और निरोगी बनाते हैं।
  • ब्‍लूबेरी में यह सभी तत्व उच्च मात्रा में पाए जाते हैं जो हड्डियों से सम्बंधित कई तरह के विकारों को दूर करके हड्डियों को स्वस्थ बनाने में सहायता करते हैं।
त्वचा के लिए फायदेमंद
  • अपनी त्वचा की देखभाल करने और त्‍वचा संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए ब्‍लूबेरी का इस्‍तेमाल कर सकते हैं।
  • यह आपकी त्वचा को गोरा और चमकदार बनाता है।
  • ब्‍लूबेरी के औषधीय गुण त्‍वचा के लिए एंटी-एजिंग फॉर्मूला के रूप में काम करता है।
  • ब्‍लूबेरी में एंटीऑक्सीडेंट, anti inflammatory और कई पौष्टिक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं जो बढ़ती हुई उम्र के निशानों को रोककर त्वचा को चमकदार और जवान बनाते हैं।
  • त्वचा को ग्लोइंग बनाने के लिए प्रतिदिन ब्लूबेरी का सेवन करने के आलावा आप ब्लूबेरी का पेस्ट बनाकर भी अपने शरीर की त्वचा पर लगा सकते हैं।
कोलेस्ट्रॉल कम करने में
  • बढ़े हुए कोलेस्‍ट्रॉल को प्राकृतिक रूप से कम करने के लिए ब्‍लूबेरी का उपयोग किया जा सकता है।
  • उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल हृदय संबंधी रोगों का प्रमुख कारण होता है। यदि आप भी उच्‍च कोलेस्‍ट्रॉल को कम करने के उपाय खोज रहे हैं तो ब्‍लूबेरी एक अच्‍छा विकल्‍प है।
  • ब्‍लूबेरी में फाइबर, विटमिन सी फोलेट एसिड और विटामिन ए पाया जाता है जो बड़े हुए कोलस्ट्रोल को कम करके LDL cholesterol के स्तर को ठीक करने में सहायता करते हैं।
  • ब्लूबेरी में अत्यधिक मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट तत्व पाया जाता है जो रक्त नलिकाओं को मजबूत बनाकर कोलस्ट्रोल को कम करने में मदद करता है।
  • कोलस्‍ट्रॉल को कम करने के लिए नियमित रूप से सप्‍ताह में 2 बार ब्‍लूबेरी का सेवन किया जाना चाहिए। यह आपके शरीर में कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को नियंत्रित करता है।
मधुमेह के इलाज में
  • ब्लूबेरी मधुमेह रोगियों के लिए गुणकारी औषधि है।
  • ब्लूबेरी में Anti diabetic तत्व पाए जाते हैं जो शरीर में बड़े हुए अतरिक्त रक्त शर्करा के स्तर को कम करते हैं। शरीर में रक्त शर्करा के कम होने से मधुमेह रोग में आराम मिलता है।
  • इसके अतरिक्त ब्लूबेरी में anthocyanin तत्व पाया जाता है जो सम्पूर्ण शरीर में blood sugar के संतुलन को बनाये रखता है।
  • ब्लूबेरी का जूस मधुमेह रोगियों के लिए फायदेमंद होता है।
हृदय के लिए फायदेमंद
  • हृदय की समस्या को दूर करने में ब्लूबेरी एक बेहतर प्राकृतिक विकल्प साबित हो सकती है।
  • ब्‍लूबेरी में मौजूद फाइबर शरीर में मौजूद रक्‍त कोलेसट्रॉल के स्‍तर को नियंत्रित करने में सहायक होता है। जिससे हृदय रोगों को दूर करने में मदद मिलती है।
  • ब्‍लूबेरी में पर्याप्‍त मात्रा में फाइटोन्‍यूट्रिएंट्स और विटामिन बी6, विटामिन बी, फोलेट, पोटेशियम आदि भी होते हैं।
  • ये सभी घटक शरीर में रक्‍त शर्करा और कोलेस्‍ट्रॉल के स्‍तर को कम करने में प्रभावी होते हैं।
  • किसी भी स्‍वस्‍थ व्‍यक्ति को सप्‍ताह में 2 से 3 बार नियमित रूप से ब्‍लूबेरी का सेवन करना चाहिए।
कैंसर रोग में फायदेमंद
  • ब्‍लूबेरी में विटामिन सी और विटामिन ए की अच्‍छी मात्रा होती हैं जो कि एक प्रकार के फाइटोन्‍यूट्रिएंट्स (phytonutrients) होते हैं।
  • ये विभिन्‍न प्रकार के प्रभावी पोषक तत्व हैं जो शरीर के अंगों जैसे फेफड़ों, अन्‍नप्रणाली, पेट, मुंह, अग्न्याशय आदि में कैंसर की कोशिकाओं के निर्माण को रोकने में मदद करते हैं।
  • इसके अलावा ब्‍लूबेरी में फोलेट भी होता है। जो डीएनए संश्‍लेषण में मदद करता है।
  • यदि आप भी नियमित रूप से ब्‍लूबेरी का सेवन करते हैं तो भविष्‍य में कैंसर जैसी गंभीर बीमारी की संभावना से बचा जा सकता है।
  • इसमें पाए जाने वाला पेट्रोस्टील्बेन लीवर कैंसर और कोलन की रोकथाम में और एलागिक एसिड कैंसर को रोकने और ठीक करने में सहायक होता है।
मस्तिष्क विकास में सहायक
  • ब्लूबेरी में पाए जाने वाले विटामिन्स, मिनरल्स और फाइटो न्यूट्रीएंट मस्तिष्क कोशिकाओ की रक्षा करते है,
  • ये सेंट्रल नर्वस सिस्टमकी हेल्थ को बनाए रखता है.
  • यह बहुत ही गंभीर बीमारी जैसे अल्झाइमर की समस्या को काफी हद तक कम करता है।
  • यह यादाश्त को बढाता है और डेमेज मस्तिस्क कोशिकाओ और न्यूरान टिशु को ठीक कर सकता है।
  • नियमित रूप से ब्‍लूबेरी का सेवन करने से याद रखने, समझने और सीखने की क्षमता में वृद्धि होती है।
  • इस बजह से ब्‍लूबेरी न केवल वयस्‍कों बल्कि बच्‍चों के लिए भी एक अच्‍छा खाद्य पदार्थ हो सकता है।
वजन कम करने में
  • जिन लोगों को अपना वजन कम करने में परेशानी हो रही है उनके लिए ब्‍लूबेरी बहुत ही फायदेमंद फल होता है।
  • ब्‍लूबेरी में फाइबर की अच्‍छी मात्रा होती है। फाइबर शरीर के अनावश्‍यक वजन को कम करने में सहायक होता है।
  • इसके अलावा नियमित और पर्याप्‍त मात्रा में ब्‍लूबेरी का सेवन करने से यह आपको लंबे समय तक भूख का अनुभव नहीं होने देता है। जिससे भी आपके वजन को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
  • ब्लूबेरी में बेहद ही कम मात्रा में calorie होती है साथ ही इसमें फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम प्रमुख रूप में पाया जाता है।
  • फाइबर, विटामिन सी, कैल्शियम को चर्बी कम करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए ब्‍लूबेरी को वजन और पेट की बड़ी हुई चर्बी को कम करने वाला असरकारी फल माना जाता है।
आंखों के लिए फायदेमंद
  • आंखों की कई समस्याओं को दूर करने के लिए भी आप ब्लूबेरी का उपयोग कर सकते हैं।
  • इसके सेवन से आंखों की कई बीमारियों को ठीक किया जा सकता है।
  • इसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट गुणों की वजह से, यह उम्र बढ़ने वाले ऑकुलर समस्याओं जैसे मैक्यूलर डिएनेजेरेशन, मोतियाबिंद, मायोपिया और हाइपमेट्रोपोपिया, आंखों का सूखापन और संक्रमण, विशेष रूप से रेटिना से संबंधित रोगों को रोकने या देरी में मदद करते हैं।
  • रतौंधी और आंखों से जुड़ी अन्‍य समस्याओं और रोगों के इलाज के लिए विटामिन ए एक आवश्‍यक घटक होता है।
  • ब्‍लूबेरी में विटामिन ए की अच्‍छी मात्रा होती है।
प्रचुर एंटीऑक्सिडेंट
  • ब्लूबेरी में मौजूद फाईटोन्युट्रिएंट्स और फ्लेवोनोइड्स के साथ एंटीओक्सिडेंट शरीर में फ्री स्कावेंगिंग एक्टिविटी के लिए जिम्मेदार है।
  • फ़्लेवोनोइड्स का समूह विशेष रूप से, एन्थोसाईनिन, मुक्तकणों के कारण शरीर को सभी प्रकार के नुकसान से बचाता है।
सूजन कम करने में
  • ब्‍लूबेरी में एंटीऑक्‍सीडेंट और एंटी-इंफ्लामेटरी गुण होते हैं। जिसके कारण यह सूजन संबंधी समस्‍याओं को दूर करने में प्रभावी माना जाता है।
  • इसके अलावा ब्लूबेरी में मौजूद औषधीय गुण और घटक ट्यूमर के विकास को नियंत्रित करने में भी सहायक होते हैं।
  • ब्‍लूबेरी में विटामिन ए और सी ऐसे घटक हैं जो एंटीऑक्‍सीडेंट के रूप में कार्य करते हैं। जिससे सूजन संबंधी लक्षणों को दूर करने में मदद मिलती है।
पाचन में सुधार
  • ब्लूबेरी में मौजूद फाइबर कब्ज को रोकता है।
  • इसके अलावा, विटामिन, सोडियम, तांबा, फ्रुक्टोस और एसिड आपके गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सिस्टम के माध्यम से आसानी और सुरक्षित रूप से भोजन को स्थानांतरित करने के लिए सही गैस्ट्रिक और पाचन रस को उत्तेजित करके पाचन में सुधार करते हैं।
यूटीआई रोकने के लिए
  • अक्सर महिलाओं को बैक्टीरिया या फिर संक्रमण की वजह से यूरिनरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूटीआई) की समस्या हो जाती है।
  • इस संक्रमण को रोकने के लिए ब्लूबेरी के रस का सेवन आपके लिए कारगर औषधि का काम कर सकता है।
  • ब्लूबेरी में विटामिन-सी की मात्रा पाई जाती है, जो यूटीआई का कारण बनने वाले बैक्टीरिया को पनपने से रोकता है।
  • इस गुण के कारण ब्लूबेरी के सेवन से यूटीआई को रोका जा सकता है।
रोग प्रतिरोध क्षमता बढ़ाने में
  • रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने के लिए ब्लूबेरी का सेवन आपके लिए लाभदायक हो सकता है।
  • ब्लूबेरी में अच्छी मात्रा में फाइटोकेमिकल्स पाए जाते हैं, जो प्रतिरोधक कोशिकाओं की क्षमता को बेहतर करते हैं।
  • मजबूत प्रतिरोधक क्षमता ट्यूमर जैसी समस्या को भी दूर करती है, जोकि कैंसर जैसी बीमारियों का कारण होती है।
बालों के लिए फायदेमंद
  • ब्लूबेरी, प्रोएंथोसायनिडिन रसायन की मौजूदगी के कारण बालों के विकास में लाभकारी होते हैं।
  • ब्‍लूबेरी में रासायनिक प्रोएंथोसाइनिडिन (proanthocyanidins) मौजूद होते हैं जो बालों को बढ़ने में मदद करते हैं।
  • इसके अलावा ये घटक बालों को झड़ने से भी बचाते हैं।
  • ब्‍लूबेरी में विटामिन बी12 अच्‍छी मात्रा में होता है। विटामिन बी12 समय से पहले बालों को सफेद होने से रोकता है।
  • इससे बने हेयर मास्क का उपयोग बालों की वृद्धि को बढ़ावा देने में मदद करता है।
  • हेयर मास्क बनाने के लिए एक मुट्ठी ब्लूबेरी और जैतून के तेल को मिक्स कर लें और अच्छे से बालों की जड़ों पर लगाएं। 20-30 मिनट के बाद गुनगुने पानी का उपयोग कर के बालों को धो लें।
स्‍वस्‍थ रक्‍तचाप के लिए
  • ब्‍लूबेरी में पोटेशियम, कैल्शियम और मैग्नीशियम की अच्‍छी मात्रा होती है। जिसके कारण इनका नि‍यमित सेवन करने से यह उच्‍च रक्‍तचाप को कम करने में सहायक होता है।
  • ब्‍लूबेरी में मौजूद सभी पोषक तत्व और खनिज पदार्थ स्‍वस्‍थ रक्‍तचाप को बनाए रखने में सहायक होते हैं।

ब्लूबेरी के उपयोग (Uses of blueberry in Hindi)

  • ब्लूबेरी को आप ओट्स या फिर ब्रेड के साथ मिलाकर ब्रेकफास्ट में ले सकते हैं।
  • आप ब्लूबेरी को जैम के रूप में रोटी या फिर ब्रेड पर लगाकर खा सकते हैं।
  • ब्लूबेरी को केक के ऊपर लगाकर केक का स्वाद कई गुणा बढ़ाया जा सकता है।
  • आप इसका उपयोग स्मूदी के रूप में भी कर सकते हैं।
  • आप इसे धोकर सीधा भी खा सकते हैं।
  • गर्मी के मौसम में ब्लूबेरी की आइसक्रीम हर किसी के लिए फेवरेट डिश हो सकती है।
  • आप इसे अन्य फलों के साथ मिलाकर जायकेदार फ्रूट सलाद बना सकते हैं।

ब्लूबेरी  के नुकसान ( Side effects of Blueberry in Hindi)

पाचन संबंधी समस्‍याएं

अधिक मात्रा में ब्‍लूबेरी का सेवन करने से पाचन संबंधी समस्‍याएं हो सकती हैं। क्‍योंकि ब्‍लूबेरी में फाइबर की अच्‍छी मात्रा होती है। जिससे अपच, कब्‍ज और दस्‍त जैसी समस्‍याएं हो सकती हैं।

एलर्जी की समस्या

ब्‍लूबेरी में सैलिसिलेट (Salicylate) की अच्‍छी मात्रा होती है। इसलिए जिन लोगों को सैलिसिलेट संबंधी एलर्जी की समस्या है उन्‍हें अधिक मात्रा में ब्‍लूबेरी का सेवन करने से बचना चाहिए।

रक्त पतला करता है

रक्त विकारो से ग्रसित लोगो को ब्लूबेरी से बचना चाहिए। विटामिन K में पाए जाने वाले कन्टेन्ट रक्त को पतला करते है।

मधुमेह

अधिक मात्रा में ब्‍लूबेरी का सेवन करने से शरीर में रक्‍त शर्करा का स्‍तर बहुत ही निम्‍न स्‍तर पर जा सकता है।

गर्भावस्‍था में

गर्भावस्‍था और स्‍तनपान कराने वाली महिलाओं को ब्‍लूबेरी का सेवन करने से पहले अपने डॉक्‍टर से सलाह लेनी चाहिए।

फाइबर की अधिक मात्रा

फाइबर की अधिक मात्रा गैस व आंत जैसी पेट की कई समस्याओं का कारण बन सकती है।

वजन कम करता है

जिनका वजन सामान्य से कम है, उन्हें भी इसका सेवन सीमित मात्रा में करना चाहिए। इसमें पाया जाने वाला एन्थोसायनिन (anthocyanins) नामक यौगिक आपके वजन को और अधिक कम कर सकता है।

अन्य समस्याएं

ब्‍लूबेरी में विटामिन K की उच्‍च मात्रा होती है। जिसके कारण अधिक मात्रा में ब्‍लूबेरी का सेवन करने से निगलने, सांस लेने, बोलने और पाचन संबंधी समस्‍याओं का सामना करना पड़ सकता है।

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