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नई फिल्में 2021 पूरी लिस्ट | New Movies 2021

नई फिल्में

नई फिल्में देखने का शौक किसको नहीं होता है, जो भी फिल्मों के दीवाने हैं वे सभी फिल्म के रिलीज़ होते ही नई फिल्में देखना चाहते हैं। नई फिल्मों को आप सिनेमाघरों में जाकर देखने के साथ साथ OTT platforms पर भी देख सकते हैं। नई फिल्मों में आपको ड्रामा, क्राइम ड्रामा, सस्पेंस, कॉमेडी, रोमांस, हॉरर इत्यादि प्रकार की मूवीज देखने को मिल जाएँगी। इस आर्टिकल में हम आपको साल 2021 की नई फिल्में बताएंगे जो कि साल 2021 में या तो रिलीज़ हो गयी है या फिर रिलीज़ होने वाली हैं। नई फिल्में 2021 की पूरी लिस्ट और फिल्म के बारे में आपको यहां पर जानकारी मिल जाएगी।

भारतीय सिनेमा का इतिहास

हम भारतीय सिनेमा के प्रथम भाग मूक सिनेमा (1913 -1930) और द्वितीय भाग सवाक (बोलती) सिनेमा (1931 -1950) के दौर से गुजर चुके हैं। दादा साहब फाल्के द्वारा निर्मित पहली भारतीय मूक फिल्म “राजा हरिश्चंद्र(1913) ” से लेकर अर्देशिर ईरानी द्वारा निर्मित भारतीय सिनेमा की पहली बोलती फिल्म “आलाम आरा (1931)” के दौर से गुजर चुके हैं। बोलती फिल्मों के दौर में हिमांशु राय , देविका रानी और राज नारायण दुबे के द्वारा स्थापित फिल्म निर्माण कंपनी “बम्बई टाकीज़ ” एक नया मोड़ था। “बम्बई टाकीज” का भारतीय सिनेमा जगत में योगदान अविस्मरणीय है।

भारतीय सिनेमा के इतिहास के बारे में बात की जाये तो जुलाई 1896 से हम इसकी शुरुआत करना चाहेंगे, जब ल्यूमियर ब्रदर्स नाम के दो फ्रांसीसी फिल्मकारों नें मुंबई के वीटसन हॉटेल में अपनी दो शॉर्ट फिल्मों का आयोदन किया। उस समय की फिल्मों में आवाज नहीं होती थी। गूंगी फिल्में बनती थी। फिल्म की कहानी को समझने के लिये कलाकार के चेहरे के भाव व हिलना डुलना ही कहानी समझने का माध्यम होता था।

फिल्मों का प्रचार करने के लिये शहर में पोस्टर लगवाये जाते थे। दर्शकों को आकर्षित करने के लिये पोस्टर में सिर्फ इतना ही लिखा गया था – “फोटो के आदमी को चलते हुए देखें “। पोस्टर पर लिखी इतनी सी लाईन ने लोगों में कौतूहल पैदा किया। लोग ये सोचने पर मजबूर बो गये कि पर्दे का आदमी आखिर चल कैसे सकता है?

इसी कौतूहलवश लोग फिल्म के शो में खींचे चले जाने लगे। और जो भी फिल्म देख कर आया उसने लोगों को बताया कि वास्तव में फोटो में दिखने वाला आदमी चल रहा हैै। उसकी सारी हरकते वास्तविक आदमी की तरह है। लोगों द्वारा की गई इस चर्चा ने फिल्म के लिये माऊथ पब्लिसिटी का काम किया। और उस समय के अखबारों ने भी पर्दे पर चलते फिरते अजूबे के बारे में खूब बढा चढा कर लिखा।

कुछ समय बाद हॉटेल के शो से निकल कर फिल्म का प्रदर्शन मुंबई के नॉवल्टी थियेटर में होने लगा। फिल्म की टिकट दर चार आने से ले कर तीन रुपये तक थी। चार आने गरीब वर्ग लिये और अमीरों से तीन रूपये लिये जाते थे। हालांकि तीन रुपये टिकट दर उस समय बहूत ज्यादा थी, लेकिन पर्दे पर चलते फिरते अजूबे को देखने की चाहत लोगों में इतनी प्रबल थी कि हर कोई फिल्म देखने से खुद को नहीं रोक पाता था।

2021 की नई फिल्में

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