कॉर्न फ्लोर क्या होता है? कॉर्न फ्लोर और मक्के के आटे में अंतर – Uses & Benefits

कॉर्न फ्लोर क्या होता है? Corn Flour kya hota hai?

कॉर्न फ्लोर (corn flour) को कॉर्न स्टार्च (corn starch) के नाम से भी जाना जाता है। इसको मक्के का स्टार्च या मेज स्टार्च (maize starch) भी कहते हैं। इसका उपयोग कई तरह के खाद्य पदार्थों को बनाते समय किया जाता है जैसे कि कॉर्नफ्लार का इस्तेमाल फिलर, बाइन्डर के रूप में और तरल पदार्थों को गाढ़ा करने के लिए किया जाता है।

कॉर्न फ्लोर और मक्के के आटे में अंतर (Difference between Cornmeal Flour and Corn Flour in Hindi )

मक्के के आटे को कॉर्न फ्लोर (corn flour) समझने की भूल आप मत कीजियेगा क्योंकि इन दोनों में अंतर होता है। मक्के का आटा कॉर्नमील फ्लोर (cornmeal flour) होता है जबकि कॉर्न फ्लोर (corn flour) मक्के का स्टार्च होता है जिसको कॉर्न स्टार्च (corn starch) भी कहते हैं। मक्के का आटा मक्के के दानों को सुखाकर और फिर पीसकर बनाया जाता हैं जिसका रंग आमतौर पर पीला होता है। यह दरदरा या बारीक रूप में मिलता है। जबकि कॉर्न फ्लोर (corn flour) को मक्के के दानों से छिलका हटाकर और पाउडर की तरह पीसकर तैयार किया जाता है जो कि सफेद रंग के पाउडर की तरह होता है।

कॉर्न फ्लोर का उपयोग (Uses of Corn Flour in Hindi)

कॉर्न फ्लोर का उपयोग आमतौर पर सूप को गाढ़ा करने के लिए किया जाता है और इसका प्रयोग roux बनाने और आटे के विकल्प के रूप में भी किया जाता है। इसके साथ ही कुछ बीमारियों के लिए मेडिकल थेरेपी (medical therapy) के रूप में भी इसका उपयोग किया जाता है। इसका इस्तेमाल व्यंजनों को स्वादिष्ट बनाने के लिए आप कईं तरह से कर सकते हैं।

  • कॉर्न फ्लोर का उपयोग कटलेट, कोफ्ता या अन्य deep fried food बनाते समय किया जाता है।
  • इसके अलावा किसी भी तरह की सब्जी की ग्रेवी को गाढ़ा करने के लिए भी कॉर्नफ्लोर का उपयोग किया जाता है।
  • दूध को गाढ़ा करने में भी कॉर्न फ्लोर का इस्तेमाल किया जाता है जिससे आप कई स्वादिष्ट व्यंजन जैसे आइसक्रीम आदि घर पर बना सकते हैं।
  • इसका उपयोग आलू टिक्की, केला टिक्की, पोहा टिक्की को crispy बनाने के लिए भी किया जाता है।
  • यह आमतौर पर पाउडर चीनी में एक एंटीकैकिंग एजेंट के रूप में शामिल किया जाता है।
  • गुलाब जामुन, रस मलाई, छैना में इसका उपयोग कर सकते हैं।
  • कॉर्नस्टार्च का उपयोग बेकिंग के पहले फलों को कोट करने के लिए भी किया जा सकता है।
  • मंचूरियन ग्रेवी को गाढ़ा करने में इसका उपयोग किया जाता है
  • खाने के व्यंजनों के अलावा कॉर्न फ्लोर का उपयोग बेबी पाउडर में भी किया जाता है।
  • कॉर्न फ्लोर का उपयोग बायोप्लास्टिक्स एवं एयरबैग के निर्माण में भी किया जा सकता है।
  • इसके साथ ही चिकित्सा में भी कॉर्न फ्लोर का उपयोग होता है।
  • ग्लाइकोजन स्टोरेज डिजीज वाले लोगों के लिए ब्लड शुगर के स्तर को बनाये रखने के लिए कॉर्नफ्लोर उपयोगी होता है।
  • हलवा और कुकीज़ में भी इसका उपयोग किया जाता है।
  • यह ग्लूटन फ्री होता है इसलिए जिन्हें ग्लूटन से एलर्जी होती है, वे कॉर्न फ्लोर का इस्तेमाल कर सकते हैं

कॉर्न फ्लोर में पाए जाने वाले पोषक तत्व (Nutrients found in Corn Flour in Hindi)

कॉर्न फ्लोर का सेवन करने से आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी कई तरह के जरूरी पोषक तत्वों की पूर्ति हो जाती है। कॉर्न सूप, स्वीट कॉर्न, पिनट कॉर्न, मसाला कॉर्न, कॉर्न सब्जी और भी कई तरह से कॉर्न को आप अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते है। कॉर्न में सभी आवश्यक पोष्टिक गुण होते है। अगर आप अपने बढ़ते वजन को ध्यान में रखते हुए अपनी डाइट का चुनाव करते है तो कॉर्न को आप अपनी डाइट में आसानी से शामिल कर सकते है। यह वज़न बढ़ने नहीं देता है। Following Nutrients are found in Corn Flour in Hindi:

  • कॉर्न स्वास्थ्य के लिए विटामिन मिनरलस पोषण से भरपूर एक रिच एंटीआक्सीडेन्ट अनाज होता है। कॉर्न में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, आयरन, विटामिन और पोषक तत्व प्रचुर मात्रा में होते है जिससे इसका सेवन करना और भी ज्यादा लाभकारी हो जाता है।
  • वही अगर कॉर्न फ्लोर की बात की जाये तो ये भी इन सभी गुणों से भरा रहता है इसलिए अगर आप कॉर्न फ्लोर का सेवन करते है तो ये आपको ऊर्जा देने के साथ ही न्यूट्रीशन भी भरपूर मात्रा में देता है।
  • कॉर्न फ्लोर मे ऊर्जा (ENERGY) 86 किलो कैलोरी, प्रोटीन(PROTEIN) 3.27 g, वसा (FAT)1.35 g, विटामिन ए (Vitamin A)187 g, विटामिन सी (Vitamin C)6.8 मिलीग्राम और कैल्शियम 2 मिलीग्राम होता है।
  • कहा जा सकता है की सभी जरूरी और लाभदायक पोषक तत्वों की पूर्ति आपको कॉर्न फ्लोर के माध्यम से हो सकती है। इसलिए इसका सेवन करना सभी के लिए बहुत लाभप्रद रहता है।
  • अगर आपके बच्चे दूसरे पोषक तत्व वाले पदार्थों को खाना पसंद नही करते है तो ऐसे में आप उन्हें कॉर्न आसानी से खिला सकते है क्योंकि यह सेहत के साथ साथ स्वाद से भी परिपूर्ण होता है।

List of Nutrients found in Corn Flour in Hindi:

पोषक तत्वपोषक तत्वों की मात्रा
प्रोटीन1.1 ग्राम
कार्बोहाइड्रेट9.1 ग्राम
फैट0.5 ग्राम
फाइबर1.2 ग्राम
एनर्जी44 कैलोरीज
विटामिन बी 2 (राइबोफ्लेविन)0.09 mg
विटामिन बी 3 (नियासिन)1.17 mg
विटामिन बी 1 (थियामाइन)0.17 mg
कैल्शियम16.9 mg
आयरन0.86 mg
मैग्नीशियम13.2 mg
फोलेट विटामिन बी 927.9 mcg
जिंक0.22 mg
पोटैशियम35.7 mg
फॉस्फोरस26.7 mg

कॉर्न फ्लोर का रख रखाव (Maintenance of corn flour in Hindi)

  • कॉर्न फ्लोर को एयर टाइट कंटेनर में भरकर रखें।
  • कॉर्न फ्लोर में किसी भी प्रकार की नमी न जाने दें। नमी के संपर्क में आने पर यह खराब हो जाता है।
  • जब भी इसे उपयोग में लाएं तो साफ सफाई का ध्यान रखें।
  • जिस भी कंटेनर में इसे रखा गया हो उसे साफ सूखे हाथों से ही खोलें और इसे निकालने के लिए साफ सूखे चम्मच का ही उपयोग करें।

कॉर्न फ्लोर के फायदे (Benefits of Corn Flour in Hindi)

बालों का ड्राई शैंपू:

बालों की चिपचिपाहट कम करने के लिए कॉर्न स्टार्च का इस्तेमाल सस्ता और प्राकृतिक तरीका है। बस थोड़ा-सा कॉर्न स्टार्च अपने बालों की जड़ों और कंघी में छिड़क लें। कॉर्न स्टार्च बालों का अतिरिक्त तेल सोख लेगा और आपके बाल घने दिखने लगेंगे।

आंखों के लिए लाभकारी:

मक्के का आटा आंखों के लिए भी फायदेमंद होता है। मक्के के आटे में विटामिन ए और कैरोटिनॉइड पर्याप्त मात्रा में होता है इसलिए इसका सेवन आंखों के लिए बेहद लाभकारी होता है।

लिपस्टिक को दें मैट फिनिश:

अगर आपको मैट फिनिश लिपस्टिक का शौक है तो अपनी ग्लॉसी लिपस्टिक को आप मैट फिनिश दे सकती हैं। बस, लिपस्टिक लगाने से पहले अपने होठों पर थोड़ा कॉर्न स्टार्च लगाएं और फिर अपना पसंदीदा शेड लगा लें। आप लिप ब्रश से कॉर्न स्टार्च और लिपस्टिक को मिलाकर भी लगा सकती हैं।

एनीमिया से बचाता है:

मक्के के आटे में आयरन होता है इसलिए इसका सेवन करने से एनीमिया की समस्या पैदा नहीं होती है। मक्के के आटे का सेवन करने से खून की कमी नहीं होती है और शरीर में हिमोग्लोबिन का स्तर भी सही बना रहता है।

सनबर्न में दे आराम:

धूप से जली त्वचा को कॉर्न स्टार्च लगाकर आराम दें क्योंकि इसमें जली त्वचा को ठीक करने के गुण होते हैं। बस कॉर्न स्टार्च को पानी में मिला कर धूप से जली त्वचा पर 20 मिनट तक लगा कर छोड़ दें। उसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें। कुछ ही देर में आपको राहत महसूस होगी।

सुलझाएं पसीने की समस्या:

पसीने से पसीजे हुए पैरों और अंडरआर्म्स से अतिरिक्त पसीना सोखने के लिए भी आप कॉर्न स्टार्च का प्रयोग कर सकती हैं। थोड़ा-सा कॉर्न स्टार्च अपने अंडरआर्म्स और तलवों पर लगाएं। पसीने की समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।

फाइबर का अच्छा स्रोत होता है:

मक्के के आटे का सेवन करने से शरीर में पर्याप्त मात्रा में फाइबर पहुंचता है जिससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी सामान्य बना रहता है साथ ही कब्ज की समस्या भी पैदा नहीं होती है।

नेलपेंट को दें मैट फिनिश:

नेल पेंट को मैट फिनिश देने का सबसे आसान तरीका है, कॉर्न स्टार्च का इस्तेमाल। पसंदीदा नेल पेंट को कॉर्न स्टार्च के साथ मिलाएं और अपने नाखूनों पर लगा लें।

वजन कम होता है:

मक्के के आटे का सेवन करने से शरीर में ऊर्जा बनी रहती है और बार-बार भूख नहीं लगती है जिससे आप अतिरिक्त खाने से बच जाते हैं और आपका वजन बढ़ने की समस्या पैदा नहीं होती है।

बनाएं फेस लिफ्टिंग मास्क:

आप अपनी त्वचा को कॉर्न स्टार्च की मदद से ढीला पड़ने से बचा सकती हैं। यह आपकी त्वचा को टाइट रखेगा, उसकी अशुद्धियां साफ करेगा और उसे नम बनाए रखेगा। बस अंडे के सफेद भाग को कॉर्न स्टार्च के साथ मिलाएं और चेहरे पर लगा लें, 20 मिनट बाद चेहरा धोकर अच्छा-सा मॉइस्चराइजर लगा लें। अच्छे नतीजों के लिए इसे सप्ताह में कम से कम तीन बार लगाएं।

रैशेज को कहें बाय:

पसीने और तंग कपड़ों से अक्सर ही जांघों के भीतरी हिस्से में रैशेज हो जाते हैं, इन्हें भी आप कॉर्न स्टार्च से ठीक कर सकती हैं। बस थोड़ा-सा कॉर्न स्टार्च जांघों के भीतरी हिस्से में लगा लेने से आपको काफी फायदा मिलेगा। यही नहीं, बच्चों की त्वचा पर डाइपर से हुए रैशेज पर भी इसे लगाया जा सकता है। बच्चों के नहाने के पानी में भी एक चौथाई कप कॉर्न स्टार्च मिला सकती हैं। यही नहीं, अगर आपको कोई कीड़ा काट ले तो उससे होने वाली जलन से भी कॉर्न स्टार्च आपको राहत दिलवाएगा।

हाइपरटेंशन से बचाता है:

रोजाना मक्के के आटे का सेवन करने से शरीर को पर्याप्त मात्रा में विटामिन बी मिलता है जिससे हाइपरटेंशन की समस्या पैदा नहीं होती है और ब्लड प्रेशर नियंत्रित बना रहता है।

जली हुई त्वचा का उपचार:

इससे आप हल्की जली त्वचा का उपचार भी कर सकती हैं। 8 कप गुनगुने पानी में 1 बड़ा चम्मच कॉर्न स्टार्च मिलाएं और उतना ही बेकिंग सोडा मिलाएं। अब इसमें रुई या साफ सूती कपड़ा डुबोकर जली त्वचा पर लगा लें और आधे घंटे के लिए छोड़ दें। आपको आराम मिलेगा।

झटपट बनेगा बेबी पाउडर:

एक डिब्बे में कॉर्न स्टार्च भरें और उसमें कुछ बूंदें अपनी पसंदीदा खुशबू वाले तेल की डालें। इसे अच्छे से मिलाएं और फिर अपने शरीर पर लगाएं। इसका इस्तेमाल आप बेबी पाउडर के रूप में भी कर सकती हैं।

फेस क्लीनर भी है कॉर्न स्टार्च:

आप कॉर्न स्टार्च को फेस क्लीनर के तौर पर भी इस्तेमाल कर सकती हैं। 2 बड़े चम्मच कॉर्न स्टार्च को उतनी ही मात्रा की ग्लिसरीन और आधा कप पानी के साथ मिलाएं और गाढ़ा होने तक उबलने दें। गाढ़ा होने के बाद इसे ठंडा कर साबुन की जगह इस्तेमाल करें।

कॉर्न के सेवन के अन्य फायदे (Other benefits of intake of corn flour in Hindi)

कॉर्न के सेवन से बच्चों से लेकर बड़ों तक सभी को इसके फायदे देखने को मिलते है। आइये जानते है कॉर्न को अपनी डाइट में शामिल करके आप कौन से लाभ उठा सकते हैं:

  • जवान और बुजुर्ग व्यक्तियों में हड्डियों की कमजोरी दूर करने में कॉर्न फ़ायदेमंद होता है। कॉर्न में फोस्फोरस, मैग्नीशियम, आयरन और कॉपर प्रचुर मात्रा में मौजूद होता है। इन सभी पोषक तत्वों से हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद मिलती है।
  • कॉर्न के सेवन से दांतों को मजबूत बनाया जा सकता है। बच्चों को भुट्टे बहुत पसंद होते है इसलिए आगरा बच्चों को भुट्टे को सेंककर खिलाया जाये तो इससे उन्हें प्रोटीन तो मिलता ही है साथ ही दांत भी मजबूत होते है।
  • मक्की के दानों को आग में भून कर इसका गंध सूखने से बंद नांक जल्दी खुल जाती है और आग में भुनी गरम-गरम मक्की खाने से गले की खर्राश जुकाम जैसी समस्या से बड़ी राहत मिलती है।
  • कॉर्न दिल सम्बन्धित बीमारियो को दूर करने में भी मदद करता है। इसमें विटामिन C मौजूद होता है जो शरीर में केलेस्ट्रोल को नियंत्रित रखने में मदद करता है। जिससे हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी कम हो जाता है।
  • गर्भवती महिलाओं को कॉर्न का सेवन करना बहुत फ़ायदेमंद होता है। कॉर्न में फोलिक एसिड भरपूर मात्रा में होता है जो शिशु के वजन को बढ़ाने में सहायक होता है।

कॉर्नफ्लोर से होने वाले नुकसान (Disadvantage of Corn flour in Hindi)

  • कई बार कॉर्न फ्लोर का सेवन करने से एलर्जी और त्वचा पर चकत्ते, उल्टी आदि जैसे लक्षण पैदा कर सकता है। इसके अलावा कई लोगों को भी मक्का खाने के बाद अस्थमा का दौरा भी पड़ जाता है।
  • आज जो कॉर्न बाजार में मिलता है उस पर बहुत से इंसेक्टिसाइड पेस्टिसाइड का इस्तेमाल किया जाता है, जिन फसलों पर इंसेक्टिसाइड तथा पेस्टिसाइड का इस्तेमाल अधिक मात्रा में किया जाता है उन से कैंसर तक का खतरा होता है।
  • कॉर्नफ्लोर में बहुत अधिक कैलोरीज एवं कार्बोहाइड्रेट होता है, जोकि वजन कम करने के लिए बाधा उत्पन्न करता है।
  • कॉर्न फ्लोर कई लोगों के लिए एक मुख्य भोजन है। अगर आप उच्च मात्रा में मक्का का सेवन करते हैं, तो आपको पिलाग्रा (Pellagra) होने का खतरा रहता है। विटामिन्स की कमी को पिलाग्रा कहते हैं।
  • कॉर्न फ्लोर मधुमेह से पीड़ित लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव डालती है, इससे शरीर में रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है।
  • कॉर्न फ्लोर का अधिक मात्रा में उपयोग होने से यह आपके शरीर में एलडीएल को बढ़ा सकता हैं जोकि एक खराब कोलेस्ट्रॉल होता है।
  • कॉर्न फ्लोर फाइबर और अन्य महत्वपूर्ण पोषक तत्वों का एक अच्छा स्रोत है, जो शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करता है। लेकिन इन तंतुओं की एक ज्यादा खुराक आपके पेट के लिए बुरी हो सकती है जिससे आपको खाना पचाने में मुश्किल हो सकती है।
  • मकई को कच्चा नहीं खाना चाहिए क्योंकि यह दस्त का परिणाम हो सकता है। मकई पेट के कई रोगों की ओर ले जाती है।

मकई का आटा कैसे बनाते हैं?

  • सबसे पहले बाजार से लाए हुए मकई के सूखे दानों को एक जगह बिछा लीजिये
  • उसमें से कंकड़ तथा अन्य प्रकार के बीज मिलने पर उन्हें अलग कर लीजिये
  • अब इन दानों को पानी से अच्छे से धोकर इस पर स्थित मिट्टी, धूल आदि को साफ़ कर लें।
  • धोने के बाद इन दानों को एक बर्तन में पानी और चूना डालकर रखा जाता है।
  • चूने का भी विशिष्ट मात्रा में उपयोग करना बेहद जरूरी है।
  • बुलबुले आने के बाद इस पानी को दानों से अलग करने के लिए छान लीजिये।
  • छानने के बाद करीब आधे से एक घंटे के लिए मकई के दानों को पका लीजिये, ताकि सूखे हुए कठोर दाने नरम पड़ जाए।
  • पकाने के बाद इन दानों को उसी पानी के साथ करीब 12 घंटों तक भिगोने के लिए रखें।
  • लंबे समय तक दानों को भीगने से यह ज्यादा नर्म हो जाते है, इसीलिए इन्हें विशिष्ट समय तक ही भिगोया जाता है।
  • अब दूसरे दिन, इन दानों को हाथ से रगड़कर छिल लें, जिससे मकई के दाने के ऊपर मौजूद छिलका दाने से अलग हो जाता हैं।
  • छिलके को अलग करने के बाद मकई के दानों को ठंडे पानी से धो लीजिये।
  • फिर इन दानों को चक्की की सहायता से पीस लीजिये और मकई का आटा तैयार है।
  • मकई के आटे को हमेशा ठंडी और सूखी जगह रखा जाता है, ताकि यह लंबे समय तक टिक सके।

कॉर्न फ्लोर खरीदते समय सावधानियां (Precautions while buying corn flour in Hindi)

Precautions while buying corn flour in Hindi: बाजार में कॉर्न फ्लोर के नाम पर अन्य वस्तुओं को महीन पीसकर नकली कॉर्न फ्लोर (Corn Flour) बेचा जाता है इसलिए जब भी कॉर्न फ्लोर खरीदें तो विश्वसनिय ब्रांड की लें और जहां से खरीद रहे हों वह गुणवत्ता युक्त हो।

यह भी देखें 👉👉 Cereals name in Hindi & English with Pictures

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